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डिब्बे में बंद जिंदा सांप लेकर अस्पताल पहुंचे परिजन, डॉक्टरों के उड़े होश; मंदसौर जिला अस्पताल में मची खलबली
29 July 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब सर्पदंश से पीड़ित एक मरीज के परिजन अपने हाथ में प्लास्टिक का डिब्बा थामे सीधे डॉक्टर के केबिन में घुस गए। डिब्बे के भीतर एक जहरीला नाग फुफकार मार रहा था। परिजनों का यह कारनामा देखकर वहां मौजूद ड्यूटी डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के हाथ-पांव फूल गए। अस्पताल परिसर में देखते ही देखते यह खबर आग की तरह फैल गई और तमाशबीनों की भारी भीड़ जमा हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक खेत में काम कर रहा था, तभी एक जहरीले सांप ने उसे डस लिया। घबराने के बजाय परिजनों ने बहादुरी और थोड़ी नासमझी दिखाते हुए सांप को घेराबंदी कर एक खाली डिब्बे में कैद कर लिया। परिजनों का तर्क था कि डॉक्टर को सांप की सही पहचान कराने से सटीक एंटी-वेनम (जहर नाशक) इलाज देने में आसानी होगी। हालांकि, बिना सुरक्षा के अस्पताल में जिंदा सांप लाना बेहद जोखिम भरा कदम था, जिससे बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
अस्पताल के डॉक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए मरीज को तुरंत आईसीयू में भर्ती किया और उसका इलाज शुरू कर दिया है। डॉक्टरों ने परिजनों को सख्त हिदायत दी कि ऐसी आपातकालीन स्थिति में सांप को पकड़ने की कोशिश में समय बर्बाद न करें, क्योंकि इससे दोबारा डसने का खतरा बढ़ जाता है। फिलहाल मरीज की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और वन विभाग की टीम को सांप को सुरक्षित जंगल में छोड़ने के लिए सूचित कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक खेत में काम कर रहा था, तभी एक जहरीले सांप ने उसे डस लिया। घबराने के बजाय परिजनों ने बहादुरी और थोड़ी नासमझी दिखाते हुए सांप को घेराबंदी कर एक खाली डिब्बे में कैद कर लिया। परिजनों का तर्क था कि डॉक्टर को सांप की सही पहचान कराने से सटीक एंटी-वेनम (जहर नाशक) इलाज देने में आसानी होगी। हालांकि, बिना सुरक्षा के अस्पताल में जिंदा सांप लाना बेहद जोखिम भरा कदम था, जिससे बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
अस्पताल के डॉक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए मरीज को तुरंत आईसीयू में भर्ती किया और उसका इलाज शुरू कर दिया है। डॉक्टरों ने परिजनों को सख्त हिदायत दी कि ऐसी आपातकालीन स्थिति में सांप को पकड़ने की कोशिश में समय बर्बाद न करें, क्योंकि इससे दोबारा डसने का खतरा बढ़ जाता है। फिलहाल मरीज की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और वन विभाग की टीम को सांप को सुरक्षित जंगल में छोड़ने के लिए सूचित कर दिया गया है।