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सीतामऊ पहुंचे नए कलेक्टर: एसडीएम दफ्तर, गौशाला और चेक डैम का औचक निरीक्षण; योजनाओं को लेकर दिए कड़े निर्देश
08 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर के नवपदस्थ कलेक्टर ने कार्यभार संभालते ही एक्शन मोड में काम शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में प्रशासनिक अमले के साथ वे अचानक सीतामऊ पहुंचे, जहां उन्होंने एसडीएम कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। दफ्तर में दस्तावेजों के रखरखाव और शासकीय कार्यप्रणाली को बारीकी से देखने के बाद कलेक्टर ने पेंडिंग फाइलों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने साफ लहजे में कहा कि शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक समय पर पहुंचना चाहिए, इसमें किसी भी तरह की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कार्यालय के बाद कलेक्टर ने क्षेत्र की शासकीय गौशाला का रुख किया, जहां उन्होंने मवेशियों के चारे, पानी और शेड की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। इसके बाद वे जल संरक्षण अभियान के तहत बने चेक डैम का निरीक्षण करने पहुंचे, जहां पानी के भराव और निर्माण की गुणवत्ता को परखा। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों को मुस्तैद रहने और मरीजों को बेहतर इलाज व जरूरी दवाइयां समय पर मुहैया कराने की ताकीद की।
कलेक्टर के इस अचानक दौरे से पूरे सीतामऊ ब्लॉक के प्रशासनिक अमले में हड़कंप की स्थिति रही। निरीक्षण के दौरान मिली खामियों पर नाराजगी जाहिर करते हुए कलेक्टर ने मैदानी अमले को फटकार लगाई और एक सप्ताह के भीतर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि जनसमस्याओं के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कार्यालय के बाद कलेक्टर ने क्षेत्र की शासकीय गौशाला का रुख किया, जहां उन्होंने मवेशियों के चारे, पानी और शेड की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। इसके बाद वे जल संरक्षण अभियान के तहत बने चेक डैम का निरीक्षण करने पहुंचे, जहां पानी के भराव और निर्माण की गुणवत्ता को परखा। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों को मुस्तैद रहने और मरीजों को बेहतर इलाज व जरूरी दवाइयां समय पर मुहैया कराने की ताकीद की।
कलेक्टर के इस अचानक दौरे से पूरे सीतामऊ ब्लॉक के प्रशासनिक अमले में हड़कंप की स्थिति रही। निरीक्षण के दौरान मिली खामियों पर नाराजगी जाहिर करते हुए कलेक्टर ने मैदानी अमले को फटकार लगाई और एक सप्ताह के भीतर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि जनसमस्याओं के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।