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सांदीपनी स्कूल प्रबंधन की संवेदनहीनता: हॉस्टल के सामने से गुजरती है खाली बस, फिर भी मासूम 6 किमी पैदल चलने को मजबूर
09 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर के संजीत मार्ग स्थित सांदीपनी स्कूल प्रबंधन की एक बड़ी संवेदनहीनता उजागर हुई है, जहां हॉस्टल में रहने वाले मासूम छात्रों को रोजाना करीब 6 किलोमीटर का लंबा सफर पैदल तय करना पड़ रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि स्कूल की बसें हर रोज इसी हॉस्टल के ठीक सामने से होकर गुजरती हैं, लेकिन इसके बावजूद हॉस्टल के बच्चों को उसमें बैठाने से साफ मना कर दिया जाता है। इस कड़कड़ाती धूप और धूल भरे रास्ते पर भारी बस्ता लादे पैदल चलते बच्चों की सुध लेने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है।
स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों के अनुसार, हॉस्टल से स्कूल की दूरी अत्यधिक होने के कारण छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। जब इस अमानवीय रवैये को लेकर पालकों ने स्कूल प्रशासन से संपर्क साधा, तो जिम्मेदारों ने सीधे मुंह बात न करते हुए टालमटोल रवैया अपना लिया। वहीं, इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की चुप्पी भी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
इस घोर लापरवाही को लेकर अब क्षेत्र के लोगों में आक्रोश पनप रहा है। जागरूक नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही इन बच्चों के लिए स्कूल वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन करेंगे। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कब तक संज्ञान लेता है या फिर ये मासूम इसी तरह पगडंडियों पर पसीना बहाते रहेंगे।
स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों के अनुसार, हॉस्टल से स्कूल की दूरी अत्यधिक होने के कारण छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। जब इस अमानवीय रवैये को लेकर पालकों ने स्कूल प्रशासन से संपर्क साधा, तो जिम्मेदारों ने सीधे मुंह बात न करते हुए टालमटोल रवैया अपना लिया। वहीं, इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की चुप्पी भी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
इस घोर लापरवाही को लेकर अब क्षेत्र के लोगों में आक्रोश पनप रहा है। जागरूक नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द ही इन बच्चों के लिए स्कूल वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन करेंगे। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कब तक संज्ञान लेता है या फिर ये मासूम इसी तरह पगडंडियों पर पसीना बहाते रहेंगे।