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अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, जयकारों से गूंजा शिवना तट
09 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
शिवना नदी के पावन तट पर विराजमान भगवान अष्टमुखी पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में अलसुबह से ही श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। मंदिर के कपाट खुलते ही 'हर-हर महादेव' और 'जय पशुपतिनाथ' के गगनभेदी उद्घोष से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा। मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में रविवार को सैकड़ों भक्तों ने गर्भगृह में विशेष मनोकामना अभिषेक अनुष्ठान संपन्न किया।
इस बार न केवल मालवा-मेवाड़ क्षेत्र, बल्कि महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात जैसे पड़ोसी राज्यों से भी भारी संख्या में दर्शनार्थी मंदसौर पहुंचे हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गर्भगृह के बाहर विशेष बैरिकेडिंग कर कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था की गई थी ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
पंडित कैलाश भट्ट ने बताया कि भगवान पशुपतिनाथ के इस दिव्य रूप के दर्शन और मनोकामना अभिषेक का सनातन धर्म में विशेष महत्व है, यही वजह है कि यहां बाहरी राज्यों से आने वाले भक्तों का तांता लगा रहता है। मंदिर परिसर के बाहर सुरक्षा और पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए स्थानीय पुलिस बल के जवान मुस्तैदी से डटे रहे।
इस बार न केवल मालवा-मेवाड़ क्षेत्र, बल्कि महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात जैसे पड़ोसी राज्यों से भी भारी संख्या में दर्शनार्थी मंदसौर पहुंचे हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गर्भगृह के बाहर विशेष बैरिकेडिंग कर कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था की गई थी ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
पंडित कैलाश भट्ट ने बताया कि भगवान पशुपतिनाथ के इस दिव्य रूप के दर्शन और मनोकामना अभिषेक का सनातन धर्म में विशेष महत्व है, यही वजह है कि यहां बाहरी राज्यों से आने वाले भक्तों का तांता लगा रहता है। मंदिर परिसर के बाहर सुरक्षा और पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए स्थानीय पुलिस बल के जवान मुस्तैदी से डटे रहे।