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मंदसौर से महाकाल दरबार पहुंचा 100 कावड़ियों का जत्था, 'हर-हर महादेव' के जयकारों के साथ किया जलाभिषेक
10 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर। सावन के पवित्र महीने में आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मंदसौर से पैदल रवाना हुआ 100 कावड़ियों का जत्था पूरे उत्साह और उमंग के साथ बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन पहुंचा। हाथों में गंगाजल से भरी कांवड़ और जुबां पर 'हर-हर महादेव' के उद्घोष के साथ श्रद्धालुओं ने पूरे रास्ते में भक्ति का माहौल बनाए रखा। मंदसौर के विभिन्न चौराहों से होते हुए जब यह यात्रा आगे बढ़ी, तो स्थानीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर कावड़ियों का आत्मीय स्वागत किया।
कठिन रास्तों और मौसम की परवाह किए बिना भक्तों की टोली पूरी मुस्तैदी से अपनी मंजिल की ओर बढ़ती रही। यात्रा के उज्जैन दरबार पहुंचने पर कावड़ियों ने कतारबद्ध होकर भगवान शिव का पवित्र जल से अभिषेक किया। मंदिर के पुजारियों के सानिध्य में विशेष पूजा-अर्चना की गई, जिसमें मंदसौर जिले सहित पूरे प्रदेश की सुख, शांति और खुशहाली की कामना की गई। भक्तों ने बताया कि रास्ते में जगह-जगह स्थानीय समितियों द्वारा भंडारे और विश्राम की पुख्ता व्यवस्था की गई थी।
इस धार्मिक यात्रा को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। कांवड़ यात्रा के संयोजकों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी मंदसौर के युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर इस यात्रा को सफल बनाया है। महाकाल के दर्शन और जलाभिषेक के बाद सभी भक्त बेहद भावुक और आनंदित नजर आए। दर्शन लाभ लेने के बाद कावड़ियों का यह दल वापस मंदसौर के लिए रवाना हो गया, जहां उनके स्वागत के लिए परिजन और नगरवासी उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं।
कठिन रास्तों और मौसम की परवाह किए बिना भक्तों की टोली पूरी मुस्तैदी से अपनी मंजिल की ओर बढ़ती रही। यात्रा के उज्जैन दरबार पहुंचने पर कावड़ियों ने कतारबद्ध होकर भगवान शिव का पवित्र जल से अभिषेक किया। मंदिर के पुजारियों के सानिध्य में विशेष पूजा-अर्चना की गई, जिसमें मंदसौर जिले सहित पूरे प्रदेश की सुख, शांति और खुशहाली की कामना की गई। भक्तों ने बताया कि रास्ते में जगह-जगह स्थानीय समितियों द्वारा भंडारे और विश्राम की पुख्ता व्यवस्था की गई थी।
इस धार्मिक यात्रा को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। कांवड़ यात्रा के संयोजकों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी मंदसौर के युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर इस यात्रा को सफल बनाया है। महाकाल के दर्शन और जलाभिषेक के बाद सभी भक्त बेहद भावुक और आनंदित नजर आए। दर्शन लाभ लेने के बाद कावड़ियों का यह दल वापस मंदसौर के लिए रवाना हो गया, जहां उनके स्वागत के लिए परिजन और नगरवासी उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं।