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पशुपतिनाथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश पर लगी रोक, अब बाहर से ही होंगे अष्टमुखी महादेव के दर्शन
10 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
शिवना तट पर स्थित विश्वप्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर प्रबंधन समिति और स्थानीय प्रशासनिक अमले ने सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। मंदिर के गर्भगृह में अब आम श्रद्धालुओं के प्रवेश को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। सावन और आगामी त्योहारों के सीजन में उमड़ने वाली भारी भीड़ और गर्भगृह की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने यह बैरिकेडिंग व्यवस्था लागू की है। अब भक्त केवल गर्भगृह के बाहर द्वार से ही महादेव की पावन छवि के दर्शन लाभ ले सकेंगे।
इस नए प्रतिबंध के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं देखी जा रही है। गर्भगृह के बाहर विशेष पात्रों (पाइप व्यवस्था) के माध्यम से श्रद्धालु भगवान का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक श्रद्धापूर्वक संपन्न कर रहे हैं। मंदिर परिसर में अलसुबह से ही कतारों में खड़े श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। मंदिर के सुरक्षाकर्मी और सेवादार मुस्तैदी से व्यवस्था संभालने में जुटे हैं ताकि गर्भगृह के बाहर किसी भी तरह की अव्यवस्था न फैले।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह निर्णय अष्टमुखी प्रतिमा के संरक्षण और गर्भगृह के भीतर अत्यधिक भीड़ से बढ़ने वाले तापमान को नियंत्रित रखने के लिए भी बेहद जरूरी था। कलेक्टर एवं मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए परिसर में बड़ी एलईडी स्क्रीनें लगाई गई हैं, ताकि दूर खड़े श्रद्धालु भी सुगमता से भगवान के दिव्य स्वरूप का सीधा दर्शन कर सकें।
इस नए प्रतिबंध के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं देखी जा रही है। गर्भगृह के बाहर विशेष पात्रों (पाइप व्यवस्था) के माध्यम से श्रद्धालु भगवान का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक श्रद्धापूर्वक संपन्न कर रहे हैं। मंदिर परिसर में अलसुबह से ही कतारों में खड़े श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। मंदिर के सुरक्षाकर्मी और सेवादार मुस्तैदी से व्यवस्था संभालने में जुटे हैं ताकि गर्भगृह के बाहर किसी भी तरह की अव्यवस्था न फैले।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह निर्णय अष्टमुखी प्रतिमा के संरक्षण और गर्भगृह के भीतर अत्यधिक भीड़ से बढ़ने वाले तापमान को नियंत्रित रखने के लिए भी बेहद जरूरी था। कलेक्टर एवं मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए परिसर में बड़ी एलईडी स्क्रीनें लगाई गई हैं, ताकि दूर खड़े श्रद्धालु भी सुगमता से भगवान के दिव्य स्वरूप का सीधा दर्शन कर सकें।