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काशी-महाकाल की तर्ज पर दीपों से जगमगाया पशुपतिनाथ दरबार, सावन की विशेष शयन आरती में उमड़ा आस्था का जनसैलाब
11 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
शिवना नदी के तट पर विराजमान भगवान अष्टमुखी पशुपतिनाथ मंदिर परिसर रविवार और सोमवार की दरमियानी रात दिव्य रोशनी और शंखनाद से गूंज उठा। श्रावण मास के उपलक्ष्य में मंदिर प्रबंधन और स्थानीय भक्तों द्वारा काशी-विश्वनाथ और उज्जैन के बाबा महाकाल की तर्ज पर भव्य 'दीप ज्योति आरती' और विशेष शयन आरती का आयोजन किया गया। इस आलौकिक दृश्य को अपनी आंखों में बसाने के लिए न केवल मंदसौर बल्कि आसपास के जिलों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
गर्भगृह से लेकर पूरे घाट परिसर को हजारों दीपकों की कतारों से सजाया गया था। जैसे ही मुख्य पुजारी द्वारा महाआरती का शुभारंभ हुआ, पूरा परिसर 'हर-हर महादेव' और 'जय पशुपतिनाथ' के जयकारों से गुंजायमान हो गया। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बैरिकेडिंग से लेकर सुगम दर्शन के लिए विशेष वालंटियर्स मुस्तैद रहे।
मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि सावन के प्रत्येक रविवार और सोमवार को भगवान पशुपतिनाथ की विशेष शयन आरती और श्रृंगार का सिलसिला जारी रहेगा। इस बार की महाआरती में की गई विशेष विद्युत और पुष्प सज्जा भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। देर रात तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरा शहर शिवमय नजर आया।
गर्भगृह से लेकर पूरे घाट परिसर को हजारों दीपकों की कतारों से सजाया गया था। जैसे ही मुख्य पुजारी द्वारा महाआरती का शुभारंभ हुआ, पूरा परिसर 'हर-हर महादेव' और 'जय पशुपतिनाथ' के जयकारों से गुंजायमान हो गया। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बैरिकेडिंग से लेकर सुगम दर्शन के लिए विशेष वालंटियर्स मुस्तैद रहे।
मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि सावन के प्रत्येक रविवार और सोमवार को भगवान पशुपतिनाथ की विशेष शयन आरती और श्रृंगार का सिलसिला जारी रहेगा। इस बार की महाआरती में की गई विशेष विद्युत और पुष्प सज्जा भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। देर रात तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरा शहर शिवमय नजर आया।