Crime & Safety
कलेक्टर के नाम पर साइबर सेंधमारी: दिलीप कुमार यादव की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर मांगे पैसे, प्रशासन अलर्ट
11 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर कलेक्ट्रेट कार्यालय से सामने आए एक गंभीर मामले में, अज्ञात साइबर ठगों ने सीधे जिला कलेक्टर दिलीप कुमार यादव को ही अपना निशाना बना लिया है। शातिर बदमाशों ने कलेक्टर के नाम और उनकी आधिकारिक तस्वीरों का दुरुपयोग करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक फर्जी प्रोफाइल तैयार की है। इस फर्जी आईडी के जरिए जिले के कई संभ्रांत नागरिकों और प्रशासनिक अधिकारियों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर पैसों की मांग की जा रही है।
मामला उजागर होते ही कलेक्ट्रेट और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। ठगी के इस नए हथकंडे को भांपते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल हरकत में आते हुए आधिकारिक अलर्ट जारी किया है। जिला जनसंपर्क विभाग ने स्पष्ट किया है कि कलेक्टर दिलीप कुमार यादव द्वारा किसी भी सोशल मीडिया हैंडल से पैसों या किसी अन्य वित्तीय मदद की मांग नहीं की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी झांसे में न आएं और तत्काल इस फर्जी प्रोफाइल की रिपोर्ट करें।
इधर, पुलिस की साइबर सेल टीम मुस्तैदी से इस मामले की तफ्तीश में जुट गई है। पुलिस फर्जी फेसबुक आईडी के आईपी एड्रेस और लोकेशन को ट्रेस करने का प्रयास कर रही है ताकि इन शातिर अपराधियों को जल्द से जल्द दबोचा जा सके। पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने भी नागरिकों से अनुरोध किया है कि यदि उन्हें ऐसी कोई संदिग्ध रिक्वेस्ट या मैसेज मिलता है, तो वे तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्प डेस्क पर इसकी सूचना दें।
मामला उजागर होते ही कलेक्ट्रेट और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। ठगी के इस नए हथकंडे को भांपते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल हरकत में आते हुए आधिकारिक अलर्ट जारी किया है। जिला जनसंपर्क विभाग ने स्पष्ट किया है कि कलेक्टर दिलीप कुमार यादव द्वारा किसी भी सोशल मीडिया हैंडल से पैसों या किसी अन्य वित्तीय मदद की मांग नहीं की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी झांसे में न आएं और तत्काल इस फर्जी प्रोफाइल की रिपोर्ट करें।
इधर, पुलिस की साइबर सेल टीम मुस्तैदी से इस मामले की तफ्तीश में जुट गई है। पुलिस फर्जी फेसबुक आईडी के आईपी एड्रेस और लोकेशन को ट्रेस करने का प्रयास कर रही है ताकि इन शातिर अपराधियों को जल्द से जल्द दबोचा जा सके। पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने भी नागरिकों से अनुरोध किया है कि यदि उन्हें ऐसी कोई संदिग्ध रिक्वेस्ट या मैसेज मिलता है, तो वे तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्प डेस्क पर इसकी सूचना दें।