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आफत की बारिश: मंदसौर में 48 घंटे में साढ़े तीन इंच बरसा पानी, उफान पर शिवना नदी, नाहरगढ़-बिल्लोद मार्ग बंद
12 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर जिले में पिछले 48 घंटों से जारी अनवरत बारिश ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। भू-अभिलेख विभाग के अनुसार, बीते दो दिनों में जिले में औसतन 3.38 इंच पानी बरस चुका है। लगातार हो रही इस झमाझम बारिश के चलते अंचल की जीवनदायिनी शिवना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिससे तटीय इलाकों में प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। छोटी पुलिया पानी में डूब चुकी है और बहाव तेज होने के कारण लोगों को नदी क्षेत्र से दूर रहने की हिदायत दी गई है।
ग्रामीण अंचलों से आ रही खबरों के मुताबिक, नाहरगढ़-बिल्लोद मार्ग पर पड़ने वाले नाले उफान पर आने से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। पुलिया के ऊपर करीब तीन फीट पानी बह रहा है, जिसके बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से दोनों ओर बैरिकेड्स लगा दिए हैं। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों के कई नदी-नाले उफान पर आने से खेतों में पानी जमा होने लगा है। हालांकि, इस बारिश से किसानों के चेहरे जरूर खिल उठे हैं और वे खरीफ फसलों की बोनी की तैयारियों में जुट गए हैं।
जल संसाधन विभाग की टीम गांधीसागर बांध और अन्य सहायक जलाशयों के जलस्तर पर पल-पल की नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने कोटवारों और पटवारियों को मैदानी स्तर पर अलर्ट रहने के सख्त निर्देश दिए हैं। शिवना नदी के तटवर्ती मंदिरों और घाटों को खाली कराकर होमगार्ड के जवानों को तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टाला जा सके।
ग्रामीण अंचलों से आ रही खबरों के मुताबिक, नाहरगढ़-बिल्लोद मार्ग पर पड़ने वाले नाले उफान पर आने से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। पुलिया के ऊपर करीब तीन फीट पानी बह रहा है, जिसके बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से दोनों ओर बैरिकेड्स लगा दिए हैं। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों के कई नदी-नाले उफान पर आने से खेतों में पानी जमा होने लगा है। हालांकि, इस बारिश से किसानों के चेहरे जरूर खिल उठे हैं और वे खरीफ फसलों की बोनी की तैयारियों में जुट गए हैं।
जल संसाधन विभाग की टीम गांधीसागर बांध और अन्य सहायक जलाशयों के जलस्तर पर पल-पल की नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने कोटवारों और पटवारियों को मैदानी स्तर पर अलर्ट रहने के सख्त निर्देश दिए हैं। शिवना नदी के तटवर्ती मंदिरों और घाटों को खाली कराकर होमगार्ड के जवानों को तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टाला जा सके।