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बदहाली पर फूटा गुस्सा: मंदसौर नवोदय विद्यालय के छात्रों ने खोला मोर्चा, दूषित पानी और बेस्वाद भोजन को लेकर जमकर काटा हंगामा
12 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर-नीमच मार्ग पर स्थित रलायता के जवाहर नवोदय विद्यालय परिसर में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब सैकड़ों छात्र-छात्राएं मूलभूत सुविधाओं की बदहाली को लेकर लामबंद हो गए। स्कूल प्रशासन की घोर लापरवाही के खिलाफ आक्रोशित छात्रों ने परिसर के भीतर ही जमकर नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए। विद्यार्थियों का आरोप है कि पिछले लंबे समय से उन्हें न तो पीने का साफ पानी मिल पा रहा है और न ही मैस (रसोई) में पौष्टिक व गुणवत्तापूर्ण भोजन परोसा जा रहा है। बदबूदार पानी पीने से कई बच्चों की सेहत भी बिगड़ चुकी है।
धरने पर बैठे छात्रों ने सीधे तौर पर विद्यालय प्रबंधन और प्राचार्य पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद मैस के खाने में कोई सुधार नहीं हुआ है, और रोटियां भी कच्ची दी जा रही हैं। वहीं, भीषण गर्मी के इस मौसम में पीने के ठंडे और साफ पानी के लिए भी बच्चों को तरसना पड़ रहा है। हंगामे की भनक लगते ही स्थानीय प्रशासनिक अमला और शिक्षा विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और आक्रोशित छात्रों को समझाने-बुझाने की कवायद में जुट गए।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस बल भी मौके पर मुस्तैद दिखाई दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मैस का निरीक्षण कर विद्यालय प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई और खाने व पानी के सैंपल लेकर तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों द्वारा व्यवस्था सुधारने के ठोस लिखित आश्वासन के बाद ही छात्र शांत हुए, लेकिन उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर हालात दुरुस्त नहीं हुए तो वे दोबारा उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
धरने पर बैठे छात्रों ने सीधे तौर पर विद्यालय प्रबंधन और प्राचार्य पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद मैस के खाने में कोई सुधार नहीं हुआ है, और रोटियां भी कच्ची दी जा रही हैं। वहीं, भीषण गर्मी के इस मौसम में पीने के ठंडे और साफ पानी के लिए भी बच्चों को तरसना पड़ रहा है। हंगामे की भनक लगते ही स्थानीय प्रशासनिक अमला और शिक्षा विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और आक्रोशित छात्रों को समझाने-बुझाने की कवायद में जुट गए।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस बल भी मौके पर मुस्तैद दिखाई दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मैस का निरीक्षण कर विद्यालय प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई और खाने व पानी के सैंपल लेकर तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों द्वारा व्यवस्था सुधारने के ठोस लिखित आश्वासन के बाद ही छात्र शांत हुए, लेकिन उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर हालात दुरुस्त नहीं हुए तो वे दोबारा उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।