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गांधी सागर बांध पर अल नीनो की मार: सहायक नदियों में थमा बहाव, जलस्तर घटने से मंदसौर-रतलाम में गहराया संकट
21 July 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर और रतलाम जिले की जीवनदायिनी मानी जाने वाली चंबल और उसकी सहायक नदियों में इस बार अल नीनो के चलते बहाव थम सा गया है। जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, गांधी सागर बांध का जलस्तर इस सीजन में चिंताजनक रूप से नीचे चला गया है। कैचमेंट एरिया में पर्याप्त बारिश न होने और सहायक नदियों से पानी की आवक बंद होने से बांध के खाली रहने की नौबत आ गई है।
स्थानीय मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशांत महासागर में सक्रिय अल नीनो के असर के कारण मानसून कमजोर पड़ा है। अमूमन इस समय तक उफान पर रहने वाली शिवना और अन्य छोटी सहायक नदियां समय से पहले ही शांत और सूखी नजर आ रही हैं। स्थिति यह है कि बांध के जलस्तर में लगातार हो रही गिरावट ने बिजली उत्पादन और आने वाले रबी सीजन के लिए सिंचाई की चिंताओं को बढ़ा दिया है।
जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारी लगातार बांध के जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं। यदि आने वाले दिनों में जोरदार बारिश नहीं होती है, तो मंदसौर और रतलाम समेत पूरे मालवा क्षेत्र में पेयजल का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। पीएचई और सिंचाई विभाग अब स्थिति को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्थाओं और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग की कार्ययोजना बनाने में जुट गया है।
स्थानीय मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशांत महासागर में सक्रिय अल नीनो के असर के कारण मानसून कमजोर पड़ा है। अमूमन इस समय तक उफान पर रहने वाली शिवना और अन्य छोटी सहायक नदियां समय से पहले ही शांत और सूखी नजर आ रही हैं। स्थिति यह है कि बांध के जलस्तर में लगातार हो रही गिरावट ने बिजली उत्पादन और आने वाले रबी सीजन के लिए सिंचाई की चिंताओं को बढ़ा दिया है।
जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारी लगातार बांध के जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं। यदि आने वाले दिनों में जोरदार बारिश नहीं होती है, तो मंदसौर और रतलाम समेत पूरे मालवा क्षेत्र में पेयजल का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। पीएचई और सिंचाई विभाग अब स्थिति को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्थाओं और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग की कार्ययोजना बनाने में जुट गया है।