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मंदसौर उत्कृष्ट स्कूल में एबीवीपी का उग्र प्रदर्शन: परीक्षा सिर पर और छात्रों के हाथ खाली, बिना किताबों के कैसे दें इम्तिहान
12 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आज उस समय हड़कंप मच गया, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने मिलकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ हल्ला बोल दिया। आगामी त्रैमासिक परीक्षाएं बेहद नजदीक हैं, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि स्कूल के कई छात्रों को अब तक बुनियादी पाठ्यपुस्तकें भी नसीब नहीं हुई हैं। इसी घोर लापरवाही के खिलाफ आक्रोशित छात्रों ने स्कूल के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन कर रहे एबीवीपी पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सत्र शुरू हुए महीनों बीत चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक ढिलाई के चलते गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार के बच्चों को किताबें वितरित नहीं की जा सकी हैं। ऐसे में छात्र परीक्षा की तैयारी कैसे करेंगे, यह एक बड़ा यक्ष प्रश्न बना हुआ है। छात्रों का कहना है कि जब भी वे प्रबंधन से गुहार लगाते हैं, तो उन्हें केवल कोरे आश्वासन ही मिलते हैं। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही किताबें नहीं बंटीं तो उग्र चक्काजाम किया जाएगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्राचार्य और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों से चर्चा की। प्रशासन ने माना कि वितरण व्यवस्था में कुछ तकनीकी खामियों के कारण यह संकट खड़ा हुआ है। अधिकारियों ने लिखित आश्वासन देते हुए अगले दो दिनों के भीतर सभी जरूरतमंद छात्रों को अनिवार्य रूप से पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है, जिसके बाद ही छात्र शांत हुए।
प्रदर्शन कर रहे एबीवीपी पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सत्र शुरू हुए महीनों बीत चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक ढिलाई के चलते गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार के बच्चों को किताबें वितरित नहीं की जा सकी हैं। ऐसे में छात्र परीक्षा की तैयारी कैसे करेंगे, यह एक बड़ा यक्ष प्रश्न बना हुआ है। छात्रों का कहना है कि जब भी वे प्रबंधन से गुहार लगाते हैं, तो उन्हें केवल कोरे आश्वासन ही मिलते हैं। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही किताबें नहीं बंटीं तो उग्र चक्काजाम किया जाएगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्राचार्य और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों से चर्चा की। प्रशासन ने माना कि वितरण व्यवस्था में कुछ तकनीकी खामियों के कारण यह संकट खड़ा हुआ है। अधिकारियों ने लिखित आश्वासन देते हुए अगले दो दिनों के भीतर सभी जरूरतमंद छात्रों को अनिवार्य रूप से पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है, जिसके बाद ही छात्र शांत हुए।