Crime & Safety
मंदसौर स्वास्थ्य विभाग में महाभूकंप: CMHO डॉ. गोविंद सिंह चौहान निलंबित, आउटसोर्स भर्ती घोटाले में दर्ज हुआ आपराधिक मुकदमा
13 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर जिला अस्पताल और स्वास्थ्य महकमे में उस समय हड़कंप मच गया जब लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीएमएचओ डॉ. गोविंद सिंह चौहान को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए। डॉ. चौहान पर आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और अपनों को उपकृत करने के गंभीर आरोप लगे थे। शासन स्तर पर हुई गोपनीय जांच के बाद गाज गिरना तय माना जा रहा था।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, डॉ. चौहान के खिलाफ न सिर्फ निलंबन की दंडात्मक कार्रवाई की गई है, बल्कि उनके विरुद्ध धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण भी दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर फाइलों को अपने कब्जे में ले लिया है और घोटाले की हर एक कड़ी को खंगालने के लिए तफ्तीश में जुट गई है। इस कार्रवाई से जिले के भ्रष्ट अधिकारियों और दलालों के सिंडिकेट में हड़कंप मचा हुआ है।
इधर, सीएमएचओ पर हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद मंदसौर में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। शासन ने डॉ. चौहान का मुख्यालय भोपाल अटैच किया है। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का पहिया सुचारू रूप से चलता रहे, इसके लिए नए सीएमएचओ की पदस्थापना को लेकर कवायद शुरू हो गई है। विभागीय सूत्रों का दावा है कि इस भर्ती घोटाले की आंच अभी कई और चेहरों तक पहुंच सकती है जो सीधे तौर पर इस सिंडिकेट का हिस्सा रहे हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, डॉ. चौहान के खिलाफ न सिर्फ निलंबन की दंडात्मक कार्रवाई की गई है, बल्कि उनके विरुद्ध धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण भी दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर फाइलों को अपने कब्जे में ले लिया है और घोटाले की हर एक कड़ी को खंगालने के लिए तफ्तीश में जुट गई है। इस कार्रवाई से जिले के भ्रष्ट अधिकारियों और दलालों के सिंडिकेट में हड़कंप मचा हुआ है।
इधर, सीएमएचओ पर हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद मंदसौर में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। शासन ने डॉ. चौहान का मुख्यालय भोपाल अटैच किया है। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का पहिया सुचारू रूप से चलता रहे, इसके लिए नए सीएमएचओ की पदस्थापना को लेकर कवायद शुरू हो गई है। विभागीय सूत्रों का दावा है कि इस भर्ती घोटाले की आंच अभी कई और चेहरों तक पहुंच सकती है जो सीधे तौर पर इस सिंडिकेट का हिस्सा रहे हैं।