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पशुपतिनाथ मंदिर छोटी पुलिया पर पसरी जलकुंभी: विधायक ने खुद थामा फावड़ा, नपा कर्मियों की लापरवाही पर भड़के
13 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर के सुप्रसिद्ध भगवान पशुपतिनाथ मंदिर की छोटी पुलिया पर भारी मात्रा में जमा जलकुंभी को हटाने के लिए आज खुद क्षेत्रीय विधायक को मैदान में उतरना पड़ा। बारिश के बाद शिवना नदी के बहाव के साथ बहकर आई जलकुंभी पुलिया के पिलरों में फंस गई थी, जिससे पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो रही थी। इस गंभीर समस्या को देखते हुए विधायक ने स्थानीय नागरिकों और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर खुद श्रमदान शुरू किया और तगाड़ी-फावड़ा थाम लिया।
श्रमदान के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब नगर पालिका के सफाई कर्मचारी पुलिया से निकाली गई जलकुंभी को ट्रैक्टर में भरकर दूर फेंकने के बजाय वापस नदी के दूसरे छोर पर बहाने लगे। नपा कर्मियों की इस घोर लापरवाही को देख विधायक बिफर पड़े। उन्होंने तुरंत काम रुकवाया और मौके पर मौजूद अधिकारियों की क्लास लेते हुए जमकर फटकार लगाई। विधायक ने दोटूक कहा कि शिवना को साफ करने के नाम पर इस तरह का ढोंग और खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विधायक के कड़े तेवर के बाद नगर पालिका की टीम तुरंत मुस्तैद हुई और आनन-फानन में ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर निकाली गई जलकुंभी को नदी क्षेत्र से दूर फेंकने का काम शुरू किया गया। विधायक ने नपा अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि नदी की सफाई वैज्ञानिक तरीके से हो ताकि दोबारा पानी का प्रवाह न रुके। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने विधायक के इस जमीनी प्रयास की सराहना की।
श्रमदान के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब नगर पालिका के सफाई कर्मचारी पुलिया से निकाली गई जलकुंभी को ट्रैक्टर में भरकर दूर फेंकने के बजाय वापस नदी के दूसरे छोर पर बहाने लगे। नपा कर्मियों की इस घोर लापरवाही को देख विधायक बिफर पड़े। उन्होंने तुरंत काम रुकवाया और मौके पर मौजूद अधिकारियों की क्लास लेते हुए जमकर फटकार लगाई। विधायक ने दोटूक कहा कि शिवना को साफ करने के नाम पर इस तरह का ढोंग और खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विधायक के कड़े तेवर के बाद नगर पालिका की टीम तुरंत मुस्तैद हुई और आनन-फानन में ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर निकाली गई जलकुंभी को नदी क्षेत्र से दूर फेंकने का काम शुरू किया गया। विधायक ने नपा अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि नदी की सफाई वैज्ञानिक तरीके से हो ताकि दोबारा पानी का प्रवाह न रुके। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने विधायक के इस जमीनी प्रयास की सराहना की।