Crime & Safety
70 करोड़ की ड्रग्स तस्करी में ED की बड़ी दबिश: मंदसौर और इंदौर में एक साथ छापे, तस्करों में मचा हड़कंप
21 July 2026
•
By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर और इंदौर में बुधवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने एक साथ दस्तक देकर ड्रग तस्करों के नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है। करीब 70 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी मामले की जांच कर रही ईडी की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से चिन्हित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। कार्रवाई की भनक लगते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और संदिग्धों के ठिकानों पर अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी को लंबे समय से मंदसौर और इंदौर के रास्ते संचालित हो रहे इस बड़े ड्रग कार्टेल की शिकायतें मिल रही थीं। छापेमारी के दौरान ईडी के अधिकारियों ने संदिग्धों के घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, बेनामी संपत्तियों के कागजात और भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य (जैसे मोबाइल फोन, लैपटॉप और हार्ड डिस्क) जब्त किए हैं। इन साक्ष्यों से हवाला कारोबार और मनी लॉन्ड्रिंग के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
तफ्तीश में जुटी ईडी की टीम अब जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों के डेटा को खंगालने में लगी है ताकि इस सिंडिकेट से जुड़े सफेदपोशों और मुख्य सरगनाओं का पर्दाफाश किया जा सके। स्थानीय पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद है और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए चिन्हित इलाकों में कड़ा पहरा लगा दिया गया है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े चेहरों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी को लंबे समय से मंदसौर और इंदौर के रास्ते संचालित हो रहे इस बड़े ड्रग कार्टेल की शिकायतें मिल रही थीं। छापेमारी के दौरान ईडी के अधिकारियों ने संदिग्धों के घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, बेनामी संपत्तियों के कागजात और भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य (जैसे मोबाइल फोन, लैपटॉप और हार्ड डिस्क) जब्त किए हैं। इन साक्ष्यों से हवाला कारोबार और मनी लॉन्ड्रिंग के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
तफ्तीश में जुटी ईडी की टीम अब जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों के डेटा को खंगालने में लगी है ताकि इस सिंडिकेट से जुड़े सफेदपोशों और मुख्य सरगनाओं का पर्दाफाश किया जा सके। स्थानीय पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद है और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए चिन्हित इलाकों में कड़ा पहरा लगा दिया गया है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े चेहरों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।