Crime & Safety
महासंग्राम: मंदसौर पुलिस ने 44 किलो अवैध डोडाचूरा के साथ दो तस्करों को दबोचा, इंटरनेट डोंगल से चल रहा था सिंडिकेट
15 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर के कोतवाली थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने तत्परता दिखाते हुए क्षेत्र में नाकाबंदी की। इस दौरान संदिग्ध अवस्था में जा रहे दो युवकों को रोककर जब उनकी तलाशी ली गई, तो उनके पास से बोरों में भरा कुल 44 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर ही दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से डोडाचूरा के अलावा दो एंड्रॉइड मोबाइल और एक एयरटेल कंपनी का डोंगल भी जब्त किया है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि तस्कर पुलिस की सर्विलांस से बचने के लिए सामान्य कॉलिंग की बजाय इंटरनेट डोंगल के जरिए व्हाट्सएप और अन्य सुरक्षित कॉलिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे थे। इस हाईटेक तरीके से वे अपने नेटवर्क के अन्य सदस्यों और खरीदारों से संपर्क साधे हुए थे।
कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी गई है। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और डोंगल के डेटा को खंगालने में जुटी है, ताकि इस अंतर्राज्यीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े अन्य बड़े सौदागरों और स्थानीय नेटवर्क के गुर्गों का पर्दाफाश किया जा सके। कोर्ट में पेश कर आरोपियों की रिमांड मांगी जाएगी ताकि गहन पूछताछ की जा सके।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से डोडाचूरा के अलावा दो एंड्रॉइड मोबाइल और एक एयरटेल कंपनी का डोंगल भी जब्त किया है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि तस्कर पुलिस की सर्विलांस से बचने के लिए सामान्य कॉलिंग की बजाय इंटरनेट डोंगल के जरिए व्हाट्सएप और अन्य सुरक्षित कॉलिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे थे। इस हाईटेक तरीके से वे अपने नेटवर्क के अन्य सदस्यों और खरीदारों से संपर्क साधे हुए थे।
कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी गई है। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और डोंगल के डेटा को खंगालने में जुटी है, ताकि इस अंतर्राज्यीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े अन्य बड़े सौदागरों और स्थानीय नेटवर्क के गुर्गों का पर्दाफाश किया जा सके। कोर्ट में पेश कर आरोपियों की रिमांड मांगी जाएगी ताकि गहन पूछताछ की जा सके।