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बदहाली के खिलाफ सड़क पर उतरे नवोदय के नौनिहाल: दूषित पानी और घटिया भोजन को लेकर चक्काजाम, मौके पर पहुंचे कलेक्टर
15 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर-सीतामऊ मार्ग पर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में अव्यवस्थाओं का घड़ा फूटने के बाद आज सुबह छात्र-छात्राओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। पीने के साफ पानी की किल्लत, मेस में मिलने वाले घटिया भोजन और कुछ शिक्षकों के अड़ियल रवैये से नाराज होकर सैकड़ों छात्र सड़क पर बैठ गए, जिससे मार्ग पर दोनों ओर वाहनों का लंबा चक्काजाम लग गया। हंगामे और चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
आंदोलन की संजीदगी को देखते हुए कलेक्टर दिलीप कुमार यादव खुद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए जमीन पर बैठकर ही प्रदर्शनकारी छात्रों से बात की और उनकी समस्याओं को सुना। रोते हुए छात्रों ने कलेक्टर को बताया कि उन्हें पीने के लिए दूषित पानी दिया जा रहा है और भोजन की गुणवत्ता बेहद दयनीय है। विरोध दर्ज कराने पर हॉस्टल वार्डन और शिक्षक उन्हें परीक्षा में फेल करने की धमकियां देते हैं।
कलेक्टर ने छात्रों के आरोपों को बेहद गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने मेस संचालक के खिलाफ तत्काल जांच और वार्डन के तबादले के निर्देश जारी किए। कलेक्टर के पुख्ता आश्वासन और 24 घंटे के भीतर व्यवस्था सुधारने के वादे के बाद छात्रों ने अपना धरना समाप्त किया। फिलहाल प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है।
आंदोलन की संजीदगी को देखते हुए कलेक्टर दिलीप कुमार यादव खुद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए जमीन पर बैठकर ही प्रदर्शनकारी छात्रों से बात की और उनकी समस्याओं को सुना। रोते हुए छात्रों ने कलेक्टर को बताया कि उन्हें पीने के लिए दूषित पानी दिया जा रहा है और भोजन की गुणवत्ता बेहद दयनीय है। विरोध दर्ज कराने पर हॉस्टल वार्डन और शिक्षक उन्हें परीक्षा में फेल करने की धमकियां देते हैं।
कलेक्टर ने छात्रों के आरोपों को बेहद गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने मेस संचालक के खिलाफ तत्काल जांच और वार्डन के तबादले के निर्देश जारी किए। कलेक्टर के पुख्ता आश्वासन और 24 घंटे के भीतर व्यवस्था सुधारने के वादे के बाद छात्रों ने अपना धरना समाप्त किया। फिलहाल प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है।