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मंदसौर में मानसून की जोरदार वापसी: 24 घंटे में डेढ़ इंच से ज्यादा बारिश, गांधी सागर का जलस्तर 1298.5 फीट पर पहुंचा
15 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर जिले में मानसून ने एक बार फिर उग्र रूप दिखाते हुए जोरदार दस्तक दी है। बीते 24 घंटों के भीतर समूचे जिले में औसतन 1.56 इंच बारिश दर्ज की गई, जिससे तपती गर्मी से राहत तो मिली है लेकिन जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही इस बारिश के चलते शिवना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिला कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व और आपदा प्रबंधन की टीमें मुस्तैद हो गई हैं और संवेदनशील क्षेत्रों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
इस मानसूनी बारिश का सीधा असर गांधी सागर बांध के जलभराव पर पड़ा है। बांध का जलस्तर बढ़कर 1298.5 फीट तक पहुंच गया है, जिससे जल संसाधन विभाग के अधिकारी अलर्ट मोड पर आ गए हैं। ऊपरी इलाकों से हो रही पानी की भारी आवक को देखते हुए बांध के कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में तेज बारिश के चलते खेतों और संपर्क मार्गों पर पानी जमा हो गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों के लिए जिले में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के कोटवारों और पटवारियों को अलर्ट रहने के सख्त निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके। इसके साथ ही कृषि उपज मंडी में किसानों की फसलों को सुरक्षित रखने के लिए कड़े बंदोबस्त किए जा रहे हैं।
इस मानसूनी बारिश का सीधा असर गांधी सागर बांध के जलभराव पर पड़ा है। बांध का जलस्तर बढ़कर 1298.5 फीट तक पहुंच गया है, जिससे जल संसाधन विभाग के अधिकारी अलर्ट मोड पर आ गए हैं। ऊपरी इलाकों से हो रही पानी की भारी आवक को देखते हुए बांध के कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में तेज बारिश के चलते खेतों और संपर्क मार्गों पर पानी जमा हो गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग ने आगामी 48 घंटों के लिए जिले में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के कोटवारों और पटवारियों को अलर्ट रहने के सख्त निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके। इसके साथ ही कृषि उपज मंडी में किसानों की फसलों को सुरक्षित रखने के लिए कड़े बंदोबस्त किए जा रहे हैं।