Crime & Safety
भाजपा नेता के जश्न में 'याराना' दिखाना सब-इंस्पेक्टर को पड़ा भारी, वीडियो वायरल होने पर एसपी ने थमाया शो-कॉज नोटिस
15 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर नगर के एक निजी रिसॉर्ट में आयोजित भाजपा नेता के जन्मदिवस समारोह में सुर बिखेरना कोतवाली थाने में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर (एसआई) को भारी पड़ गया है। वर्दी पहने सब-इंस्पेक्टर साहब का भाजपा नेता के साथ मंच पर 'तेरे जैसा यार कहां...' गाने पर सुर से सुर मिलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और अनुशासनहीनता के इस मामले को संज्ञान में लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत तफ्तीश शुरू कर दी है।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ड्यूटी और पुलिस की साख को ताक पर रखकर उप-निरीक्षक मंच पर नेताजी के गले में हाथ डालकर गाना गा रहे हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मंदसौर पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनुराग सुजानिया ने संबंधित सब-इंस्पेक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। एसपी कार्यालय से जारी पत्र में ड्यूटी के दौरान राजनीतिक आयोजनों में इस तरह की सक्रिय भागीदारी को सेवा नियमों के विपरीत और घोर अनुशासनहीनता माना गया है।
विभाग में इस त्वरित कार्रवाई के बाद से अन्य पुलिसकर्मियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्दी की एक गरिमा होती है और सार्वजनिक रूप से किसी राजनीतिक दल के नेता के साथ इस तरह का दोस्ताना दिखाना पुलिस की निष्पक्ष छवि पर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि नोटिस के जवाब के बाद एसपी इस मामले में क्या अंतिम अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हैं।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ड्यूटी और पुलिस की साख को ताक पर रखकर उप-निरीक्षक मंच पर नेताजी के गले में हाथ डालकर गाना गा रहे हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मंदसौर पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनुराग सुजानिया ने संबंधित सब-इंस्पेक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। एसपी कार्यालय से जारी पत्र में ड्यूटी के दौरान राजनीतिक आयोजनों में इस तरह की सक्रिय भागीदारी को सेवा नियमों के विपरीत और घोर अनुशासनहीनता माना गया है।
विभाग में इस त्वरित कार्रवाई के बाद से अन्य पुलिसकर्मियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्दी की एक गरिमा होती है और सार्वजनिक रूप से किसी राजनीतिक दल के नेता के साथ इस तरह का दोस्ताना दिखाना पुलिस की निष्पक्ष छवि पर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि नोटिस के जवाब के बाद एसपी इस मामले में क्या अंतिम अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हैं।