Weather & Nature
मंदसौर की हवा में घुला 'जहर': IQAir की रिपोर्ट में प्रदूषण का स्तर बढ़ा, सांस लेना हुआ दूभर
18 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर शहर और इसके आसपास के क्षेत्रों में हवा की सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है। ग्लोबल एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म 'IQAir' के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मंदसौर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। सुबह और शाम के वक्त शहर के व्यस्त बीपीएल चौराहा, कलेक्टोरेट रोड और महाराणा प्रताप चौराहे पर धुंध और धूल के कणों का गुबार साफ देखा जा सकता है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय पर्यावरणविदों का कहना है कि सड़कों पर उड़ती धूल, भारी वाहनों के बेकाबू धुएं और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले उत्सर्जन पर नियंत्रण न होना इस प्रदूषण की मुख्य वजह है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सुस्ती के कारण नियम ताक पर रख दिए गए हैं। इधर, जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने भी चेतावनी दी है कि बिगड़ती आबो-हवा के कारण सांस और दमा के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका विपरीत असर पड़ रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि प्रदूषण पर काबू पाने के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जाए और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर तत्काल नकेल कसी जाए। यदि नगर पालिका और संबंधित विभाग ने मुस्तैदी नहीं दिखाई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्थानीय पर्यावरणविदों का कहना है कि सड़कों पर उड़ती धूल, भारी वाहनों के बेकाबू धुएं और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले उत्सर्जन पर नियंत्रण न होना इस प्रदूषण की मुख्य वजह है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सुस्ती के कारण नियम ताक पर रख दिए गए हैं। इधर, जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने भी चेतावनी दी है कि बिगड़ती आबो-हवा के कारण सांस और दमा के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका विपरीत असर पड़ रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि प्रदूषण पर काबू पाने के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जाए और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर तत्काल नकेल कसी जाए। यदि नगर पालिका और संबंधित विभाग ने मुस्तैदी नहीं दिखाई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।