Crime & Safety
निजी अस्पताल की घोर लापरवाही: गलत इलाज से नवजात की मौत, प्रसूता की दोनों किडनियां फेल; परिजनों का हंगामा
20 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर शहर के स्टेशन रोड स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान बरती गई कथित लापरवाही के बाद पीड़ित परिवार ने जमकर हंगामा किया। परिजनों का सीधा आरोप है कि डॉक्टरों के गलत इलाज के कारण न केवल उनके नवजात बच्चे की जान चली गई, बल्कि प्रसूता महिला की भी दोनों किडनियां खराब हो गई हैं। घटना के बाद से ही अस्पताल परिसर में कोहराम मचा हुआ है और पीड़ित पक्ष ने पुलिस प्रशासन से डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रसूता को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने डिलीवरी के वक्त भारी लापरवाही बरती। नवजात की मौत के बाद जब प्रसूता की तबीयत बिगड़ने लगी, तो उसे आनन-फानन में अन्यत्र रेफर कर दिया गया, जहां जांच में उसकी दोनों किडनियां डैमेज होने की बात सामने आई। इस खुलासे के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में कोताही बरतने और सच छिपाने का संगीन आरोप लगाया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम तफ्तीश में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित पक्ष की शिकायत दर्ज कर ली गई है और मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल प्रबंधन और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उधर, अस्पताल संचालक इस पूरे मामले पर कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से बचते नजर आ रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रसूता को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने डिलीवरी के वक्त भारी लापरवाही बरती। नवजात की मौत के बाद जब प्रसूता की तबीयत बिगड़ने लगी, तो उसे आनन-फानन में अन्यत्र रेफर कर दिया गया, जहां जांच में उसकी दोनों किडनियां डैमेज होने की बात सामने आई। इस खुलासे के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में कोताही बरतने और सच छिपाने का संगीन आरोप लगाया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम तफ्तीश में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित पक्ष की शिकायत दर्ज कर ली गई है और मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल प्रबंधन और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उधर, अस्पताल संचालक इस पूरे मामले पर कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से बचते नजर आ रहे हैं।