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अगाध श्रद्धा: मंदसौर से पैदल पहुंचे 100 कावड़ियों ने दरबार में टेका मत्था, सुख-समृद्धि की कामना के साथ किया जलाभिषेक
20 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर। सावन के पवित्र महीने में आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मंदसौर से रवाना हुई 100 श्रद्धालुओं की कांवड़ यात्रा पूरे उत्साह और धार्मिक उल्लास के साथ भगवान भोलेनाथ के दरबार पहुंची। केसरिया बाने में सजे कावड़ियों के कदम जैसे ही मंदिर परिसर की ओर बढ़े, पूरा क्षेत्र 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा। थकावट को पीछे छोड़ श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति का तेज साफ झलक रहा था।
यात्रा के संयोजक और वरिष्ठ सदस्यों की अगुवाई में सभी कावड़ियों ने कतारबद्ध होकर भगवान शिव के दिव्य विग्रह पर पवित्र जल अर्पित किया। विधि-विधान से पूजा-अर्चना और विशेष महाआरती के बाद, कावड़ियों ने देश और मंदसौर जिले की सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और खुशहाली के लिए भगवान से प्रार्थना की। इस दौरान मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे।
पैदल यात्रा के दौरान मार्ग में जगह-जगह स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों द्वारा पुष्प वर्षा कर कावड़ियों का भव्य स्वागत किया गया। रास्ते भर श्रद्धालुओं के लिए फलाहार और पेयजल की मुस्तैद व्यवस्था की गई थी। श्रद्धा और अटूट विश्वास की इस कठिन डगर पर युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक का उत्साह देखते ही बन रहा था, जिससे पूरा माहौल शिवमय हो गया।
यात्रा के संयोजक और वरिष्ठ सदस्यों की अगुवाई में सभी कावड़ियों ने कतारबद्ध होकर भगवान शिव के दिव्य विग्रह पर पवित्र जल अर्पित किया। विधि-विधान से पूजा-अर्चना और विशेष महाआरती के बाद, कावड़ियों ने देश और मंदसौर जिले की सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और खुशहाली के लिए भगवान से प्रार्थना की। इस दौरान मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे।
पैदल यात्रा के दौरान मार्ग में जगह-जगह स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों द्वारा पुष्प वर्षा कर कावड़ियों का भव्य स्वागत किया गया। रास्ते भर श्रद्धालुओं के लिए फलाहार और पेयजल की मुस्तैद व्यवस्था की गई थी। श्रद्धा और अटूट विश्वास की इस कठिन डगर पर युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक का उत्साह देखते ही बन रहा था, जिससे पूरा माहौल शिवमय हो गया।