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गांधी चौराहे पर शिवसेना (यूबीटी) का डेरा, अस्पताल की बदहाली और किसानों की उपेक्षा के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू
20 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर के व्यस्ततम गांधी चौराहे पर सोमवार से शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। जिला प्रमुख और वरिष्ठ पदाधिकारियों की अगुवाई में शुरू हुए इस प्रदर्शन में वक्ताओं ने जिला अस्पताल की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और पीड़ित किसानों की अनदेखी पर तीखे बाण चलाए। धरना स्थल पर भारी नारेबाजी कर रहे कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन थमेगा नहीं।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग जिला चिकित्सालय में जल्द से जल्द एसडीपी (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स) मशीन स्थापित करने और लंबे समय से रिक्त पड़े रेडियोलॉजिस्ट के पद पर स्थाई नियुक्ति करने की है। शिवसैनिकों का आरोप है कि प्लेटलेट्स की कमी के चलते गरीब मरीजों को निजी पैथोलॉजी और बाहरी शहरों की दौड़ लगानी पड़ रही है, जिससे कई बार मरीजों की जान पर बन आती है। इसके साथ ही, हालिया प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा राशि जारी करने की मांग को लेकर भी नेताओं ने प्रशासन को आड़े हाथों लिया।
इधर, आंदोलन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर मुस्तैद नजर आया। कोतवाली थाना प्रभारी और प्रशासनिक टीम ने धरना स्थल पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। शिवसेना नेताओं ने दो टूक लहजे में प्रशासनिक अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया है कि यदि तीन दिनों के भीतर इन जनहित की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन का रुख अख्तियार करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग जिला चिकित्सालय में जल्द से जल्द एसडीपी (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स) मशीन स्थापित करने और लंबे समय से रिक्त पड़े रेडियोलॉजिस्ट के पद पर स्थाई नियुक्ति करने की है। शिवसैनिकों का आरोप है कि प्लेटलेट्स की कमी के चलते गरीब मरीजों को निजी पैथोलॉजी और बाहरी शहरों की दौड़ लगानी पड़ रही है, जिससे कई बार मरीजों की जान पर बन आती है। इसके साथ ही, हालिया प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा राशि जारी करने की मांग को लेकर भी नेताओं ने प्रशासन को आड़े हाथों लिया।
इधर, आंदोलन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर मुस्तैद नजर आया। कोतवाली थाना प्रभारी और प्रशासनिक टीम ने धरना स्थल पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की। शिवसेना नेताओं ने दो टूक लहजे में प्रशासनिक अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया है कि यदि तीन दिनों के भीतर इन जनहित की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन का रुख अख्तियार करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।