Weather & Nature
मंदसौर में मानसून की बेरुखी: 4 दिनों में महज 0.04 इंच बारिश, 25 अगस्त तक हल्की बौछारें ही बचाएंगी लाज
21 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर जिला मुख्यालय सहित अंचल भर में मानसून की बेरुखी से लोग उमस और तपिश से बेहाल हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बीते चार दिनों के भीतर जिले में महज 0.04 इंच बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। आसमान में बादलों की आवाजाही तो बनी हुई है, लेकिन झमाझम बारिश के न होने से अब खेतों में खड़ी फसलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के मुताबिक, वर्तमान में कोई मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं होने के कारण बारिश की रफ्तार पूरी तरह से थम गई है। आगामी 25 अगस्त तक जिले में केवल हल्की बूंदाबांदी या छिटपुट बौछारों के ही आसार जताए गए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में उमस का ग्राफ और चढ़ सकता है, जिससे आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद फिलहाल बेहद कम है।
इधर, कम बारिश के चलते क्षेत्र के किसानों की धड़कनें भी तेज हो गई हैं। सोयाबीन की फसलों को इस वक्त पानी की सख्त दरकार है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में नमी बनाए रखने के वैकल्पिक उपायों पर ध्यान दें। यदि आगामी सप्ताह में अच्छी बारिश नहीं हुई तो उत्पादन पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के मुताबिक, वर्तमान में कोई मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं होने के कारण बारिश की रफ्तार पूरी तरह से थम गई है। आगामी 25 अगस्त तक जिले में केवल हल्की बूंदाबांदी या छिटपुट बौछारों के ही आसार जताए गए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में उमस का ग्राफ और चढ़ सकता है, जिससे आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद फिलहाल बेहद कम है।
इधर, कम बारिश के चलते क्षेत्र के किसानों की धड़कनें भी तेज हो गई हैं। सोयाबीन की फसलों को इस वक्त पानी की सख्त दरकार है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में नमी बनाए रखने के वैकल्पिक उपायों पर ध्यान दें। यदि आगामी सप्ताह में अच्छी बारिश नहीं हुई तो उत्पादन पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।