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अनोखा प्रदर्शन: मंदसौर में शिवसेना ने पानी के ड्रमों में बैठकर किया जल सत्याग्रह, रेडियोलॉजिस्ट और मुआवजे की मांग को लेकर खोला मोर्चा
21 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर के कलेक्ट्रेट परिसर के समीप आज उस समय हड़कंप मच गया, जब शिवसेना कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को लेकर एक अनोखा और उग्र आंदोलन शुरू कर दिया। जिला अस्पताल में लंबे समय से खाली पड़े रेडियोलॉजिस्ट के पद पर तत्काल नियुक्ति और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा देने की मांग को लेकर शिवसैनिक पानी से भरे नीले ड्रमों में बैठकर जल सत्याग्रह पर बैठ गए। प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य और राजस्व विभाग की लचर व्यवस्थाओं पर तीखे सवाल दागे।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे स्थानीय पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण गरीब मरीजों को मजबूरन निजी सेंटरों पर मोटी रकम देकर जांच करानी पड़ रही है। वहीं दूसरी ओर, बेमौसम बारिश और कीट प्रकोप से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा न मिलने से क्षेत्र का अन्नदाता दाने-दाने को मोहताज होकर दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। शिवसैनिकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इन गंभीर समस्याओं का स्थाई समाधान नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप अख्तियार करेगा।
सत्याग्रह की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला और भारी पुलिस बल मौके पर मुस्तैद नजर आया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचकर ज्ञापन लिया और जल्द ही उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद ही प्रदर्शनकारियों ने अपना जल सत्याग्रह समाप्त किया। हालांकि, शिवसेना ने साफ कर दिया है कि यह प्रशासन को केवल एक चेतावनी थी, अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो उग्र चक्काजाम किया जाएगा।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे स्थानीय पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण गरीब मरीजों को मजबूरन निजी सेंटरों पर मोटी रकम देकर जांच करानी पड़ रही है। वहीं दूसरी ओर, बेमौसम बारिश और कीट प्रकोप से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा न मिलने से क्षेत्र का अन्नदाता दाने-दाने को मोहताज होकर दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। शिवसैनिकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इन गंभीर समस्याओं का स्थाई समाधान नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप अख्तियार करेगा।
सत्याग्रह की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला और भारी पुलिस बल मौके पर मुस्तैद नजर आया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचकर ज्ञापन लिया और जल्द ही उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद ही प्रदर्शनकारियों ने अपना जल सत्याग्रह समाप्त किया। हालांकि, शिवसेना ने साफ कर दिया है कि यह प्रशासन को केवल एक चेतावनी थी, अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो उग्र चक्काजाम किया जाएगा।