Crime & Safety
निजी अस्पताल की घोर लापरवाही: गलत इलाज से नवजात ने तोड़ा दम, प्रसूता की दोनों किडनियां फेल, परिजनों ने काटा भारी हंगामा
21 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर शहर के स्टेशन रोड स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान बरती गई कथित लापरवाही को लेकर आज अस्पताल परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। पीड़ित परिजनों का सीधा आरोप है कि डॉक्टरों की घोर लापरवाही और गलत इलाज के कारण न सिर्फ उनके नवजात बच्चे की असमय मौत हो गई, बल्कि प्रसूता की भी दोनों किडनियां पूरी तरह फेल हो चुकी हैं। इस दर्दनाक खबर के सामने आते ही आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर सड़क जाम कर जमकर नारेबाजी की और अस्पताल प्रबंधन पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़ गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस बल के साथ मौके पर मुस्तैद हुई। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित भीड़ को शांत कराने के लिए उचित वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि प्रसव पीड़ा होने पर महिला को स्वस्थ हालत में अस्पताल लाया गया था, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही ने हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। प्रसूता की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उसे इलाज के लिए अन्यत्र रेफर किया गया है।
इधर, पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड्स व सीसीटीवी फुटेज जब्त किए जा रहे हैं। यदि इलाज में डॉक्टरों की कोताही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम भी मामले की तफ्तीश में जुट गई है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस बल के साथ मौके पर मुस्तैद हुई। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित भीड़ को शांत कराने के लिए उचित वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि प्रसव पीड़ा होने पर महिला को स्वस्थ हालत में अस्पताल लाया गया था, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही ने हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। प्रसूता की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उसे इलाज के लिए अन्यत्र रेफर किया गया है।
इधर, पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड्स व सीसीटीवी फुटेज जब्त किए जा रहे हैं। यदि इलाज में डॉक्टरों की कोताही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम भी मामले की तफ्तीश में जुट गई है।