Weather & Nature
मंदसौर में सूखा खत्म: 13 दिन बाद बादलों ने दी दस्तक, झमाझम बारिश से खिले किसानों के चेहरे
22 July 2026
•
By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचलों में बीते 13 दिनों से छाए सूखे के संकट पर आखिरकार विराम लग गया है। आसमान में छाए कजरारे बादलों ने गुरुवार दोपहर बाद ऐसी झमाझम बारिश की कि तपती धरती तरबतर हो गई। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस नए स्पेल के सक्रिय होने के साथ ही जिले में अब तक कुल 10.84 इंच (करीब 275.3 मिमी) औसत बारिश दर्ज की जा चुकी है। भीषण उमस और गर्मी से बेहाल शहरवासियों को जहां इस मानसूनी फुहार से राहत मिली है, वहीं खेतों में कुम्हला रही फसलों में दोबारा जान आ गई है।
इस बारिश से सबसे ज्यादा खुशी क्षेत्र के अन्नदाताओं के चेहरे पर दिखाई दे रही है। सोयाबीन की बोनी कर चुके किसानों के लिए यह पानी किसी अमृत से कम नहीं है। स्थानीय कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि अगले दो दिन और पानी नहीं गिरता, तो फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता था। भू-अभिलेख कार्यालय से मिले आंकड़ों के मुताबिक, मंदसौर शहर के अलावा मल्हारगढ़, सीतामऊ, सुवासरा और गरोठ क्षेत्र में भी अच्छी वर्षा दर्ज की गई है, जिससे नदी-नालों का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है।
मौसम विभाग की मानें तो बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बने सिस्टम के कारण मालवांचल में अगले 4 से 5 दिनों तक झमाझम बारिश का दौर यूं ही जारी रहने के आसार हैं। इस चेतावनी के बाद जिला प्रशासन भी मुस्तैद हो गया है। निचले इलाकों और शिवना नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
इस बारिश से सबसे ज्यादा खुशी क्षेत्र के अन्नदाताओं के चेहरे पर दिखाई दे रही है। सोयाबीन की बोनी कर चुके किसानों के लिए यह पानी किसी अमृत से कम नहीं है। स्थानीय कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि अगले दो दिन और पानी नहीं गिरता, तो फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता था। भू-अभिलेख कार्यालय से मिले आंकड़ों के मुताबिक, मंदसौर शहर के अलावा मल्हारगढ़, सीतामऊ, सुवासरा और गरोठ क्षेत्र में भी अच्छी वर्षा दर्ज की गई है, जिससे नदी-नालों का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है।
मौसम विभाग की मानें तो बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बने सिस्टम के कारण मालवांचल में अगले 4 से 5 दिनों तक झमाझम बारिश का दौर यूं ही जारी रहने के आसार हैं। इस चेतावनी के बाद जिला प्रशासन भी मुस्तैद हो गया है। निचले इलाकों और शिवना नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।