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अनोखा विरोध: मंदसौर में पानी के ड्रमों में उतरकर 'जल सत्याग्रह', अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट और किसान मुआवजे की मांग को लेकर अड़े आंदोलनकारी
22 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर के जिला कलेक्ट्रेट परिसर के समीप आज उस समय हड़कंप मच गया, जब अपनी मांगों को लेकर अड़े आंदोलनकारियों ने पानी से भरे नीले ड्रमों के भीतर बैठकर जल सत्याग्रह शुरू कर दिया। जिला अस्पताल में लंबे समय से खाली पड़े रेडियोलॉजिस्ट के पद पर स्थाई नियुक्ति, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से तबाह हुई फसलों के उचित किसान मुआवजे और ग्रामीण क्षेत्रों में धड़ल्ले से पैर पसार रही अवैध शराब की बिक्री पर अविलंब रोक लगाने की मांग को लेकर यह उग्र प्रदर्शन किया गया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे स्थानीय जन प्रतिनिधियों और किसान नेताओं ने प्रशासनिक उदासीनता पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण गरीब मरीजों को मजबूरी में निजी सेंटरों पर जाकर मोटी रकम फूंकनी पड़ रही है। वहीं दूसरी ओर, खेतों में खून-पसीना बहाने वाला अन्नदाता बर्बाद फसल के मुआवजे के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर बेदम हो चुका है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी चैन की बंशी बजा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि जब तक कलेक्टर स्वयं मौके पर आकर ठोस लिखित आश्वासन नहीं देते, तब तक यह जल सत्याग्रह अनवरत जारी रहेगा।
इधर, सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। पुलिस बल की मुस्तैदी के बीच अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को समझाने और ड्रमों से बाहर निकालने की काफी कोशिशें कीं, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। कड़कड़ाती धूप में पानी के ड्रमों में बैठे प्रदर्शनकारियों को देखने के लिए मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई है, जिससे प्रशासनिक महकमे के हाथ-पांव फूल गए हैं। तफ्तीश और बातचीत का दौर फिलहाल जारी है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे स्थानीय जन प्रतिनिधियों और किसान नेताओं ने प्रशासनिक उदासीनता पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण गरीब मरीजों को मजबूरी में निजी सेंटरों पर जाकर मोटी रकम फूंकनी पड़ रही है। वहीं दूसरी ओर, खेतों में खून-पसीना बहाने वाला अन्नदाता बर्बाद फसल के मुआवजे के लिए दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर बेदम हो चुका है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी चैन की बंशी बजा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि जब तक कलेक्टर स्वयं मौके पर आकर ठोस लिखित आश्वासन नहीं देते, तब तक यह जल सत्याग्रह अनवरत जारी रहेगा।
इधर, सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। पुलिस बल की मुस्तैदी के बीच अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को समझाने और ड्रमों से बाहर निकालने की काफी कोशिशें कीं, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। कड़कड़ाती धूप में पानी के ड्रमों में बैठे प्रदर्शनकारियों को देखने के लिए मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई है, जिससे प्रशासनिक महकमे के हाथ-पांव फूल गए हैं। तफ्तीश और बातचीत का दौर फिलहाल जारी है।