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एमपी-राजस्थान के बीच दौड़ेगी विकास की सुपरफास्ट ट्रेन: अब भोपाल से उदयपुर का सफर मात्र 6 घंटे में, नीमच-रतलाम भी हाईस्पीड रूट से जुड़ेंगे
22 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
रतलाम रेल मंडल और मालवा क्षेत्र के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। रेल मंत्रालय द्वारा मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच कनेक्टिविटी को बेहद मजबूत करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। अब भोपाल से झीलों की नगरी उदयपुर की दूरी महज 6 घंटे में तय की जा सकेगी। इस हाईस्पीड कनेक्टिविटी रूट के दायरे में रतलाम, नीमच, जयपुर और अलवर जैसे प्रमुख शहर भी शामिल किए गए हैं, जिससे इन क्षेत्रों के यात्रियों का सफर बेहद सुगम और तेज हो जाएगा।
इस नई योजना से मालवा और राजस्थान के व्यापारिक संबंधों को नई धार मिलेगी। रेलवे के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, विभाग इस ट्रैक को अपग्रेड करने और हाईस्पीड ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए तकनीकी सर्वे को अंतिम रूप देने में जुटा है। रतलाम और नीमच के यात्रियों को अब राजस्थान की राजधानी जयपुर या पर्यटन केंद्र उदयपुर जाने के लिए घंटों लंबा उबाऊ सफर तय नहीं करना पड़ेगा। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से दोनों राज्यों के बीच पर्यटन, उद्योग और स्थानीय व्यापार को भारी रफ्तार मिलेगी।
रतलाम रेल मंडल के अधिकारियों के अनुसार, इस हाईस्पीड कॉरिडोर के तैयार होने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस सफर का अनुभव मिलेगा। इस रूट पर चलने वाली ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए पटरियों के सुदृढ़ीकरण का काम भी चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार के इस फैसले की सराहना करते हुए इसे मालवा के विकास पथ पर एक बड़ा मील का पत्थर बताया है।
इस नई योजना से मालवा और राजस्थान के व्यापारिक संबंधों को नई धार मिलेगी। रेलवे के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, विभाग इस ट्रैक को अपग्रेड करने और हाईस्पीड ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए तकनीकी सर्वे को अंतिम रूप देने में जुटा है। रतलाम और नीमच के यात्रियों को अब राजस्थान की राजधानी जयपुर या पर्यटन केंद्र उदयपुर जाने के लिए घंटों लंबा उबाऊ सफर तय नहीं करना पड़ेगा। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से दोनों राज्यों के बीच पर्यटन, उद्योग और स्थानीय व्यापार को भारी रफ्तार मिलेगी।
रतलाम रेल मंडल के अधिकारियों के अनुसार, इस हाईस्पीड कॉरिडोर के तैयार होने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस सफर का अनुभव मिलेगा। इस रूट पर चलने वाली ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए पटरियों के सुदृढ़ीकरण का काम भी चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार के इस फैसले की सराहना करते हुए इसे मालवा के विकास पथ पर एक बड़ा मील का पत्थर बताया है।