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मंदसौर पशुपतिनाथ मंदिर: भोर होते ही गूंजे जयकारे, गर्भगृह में प्रवेश बंद होने से श्रद्धालुओं ने बाहर से ही टेका मत्था
22 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर के शिवना नदी तट पर स्थित विश्व प्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में आज सुबह ठीक 5 बजे जैसे ही गर्भगृह के पट खुले, पूरा परिसर 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। त्योहारों और रविवार की छुट्टी के चलते उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों और मंदिर प्रबंध समिति ने इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए भक्तों का गर्भगृह के भीतर प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रखा गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। बैरिकेड्स के बाहर से ही श्रद्धालु कतारबद्ध होकर कड़े पहरे के बीच भगवान पशुपतिनाथ के अलौकिक रूप के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह सख्त कदम केवल इसलिए उठाया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या भगदड़ की नौबत न आए और हर आम और खास श्रद्धालु को सुगमता से दर्शन प्राप्त हो सकें। गर्भगृह के बाहर बड़ी एलईडी स्क्रीनें भी लगाई गई हैं ताकि कतार में पीछे खड़े लोग भी आरती का सीधा प्रसारण देख सकें।
सुबह से ही शिवना किनारे आस्था और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मंदसौर सहित मालवा-मेवाड़ अंचल से आए हजारों श्रद्धालु कतारों में लगकर बाहर से ही भगवान को शीश नवा रहे हैं। मंदिर समिति के मुस्तैद कर्मचारियों और पुलिस बल की सूझबूझ से दर्शन का यह सिलसिला बिना किसी व्यवधान के लगातार जारी है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। बैरिकेड्स के बाहर से ही श्रद्धालु कतारबद्ध होकर कड़े पहरे के बीच भगवान पशुपतिनाथ के अलौकिक रूप के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह सख्त कदम केवल इसलिए उठाया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या भगदड़ की नौबत न आए और हर आम और खास श्रद्धालु को सुगमता से दर्शन प्राप्त हो सकें। गर्भगृह के बाहर बड़ी एलईडी स्क्रीनें भी लगाई गई हैं ताकि कतार में पीछे खड़े लोग भी आरती का सीधा प्रसारण देख सकें।
सुबह से ही शिवना किनारे आस्था और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मंदसौर सहित मालवा-मेवाड़ अंचल से आए हजारों श्रद्धालु कतारों में लगकर बाहर से ही भगवान को शीश नवा रहे हैं। मंदिर समिति के मुस्तैद कर्मचारियों और पुलिस बल की सूझबूझ से दर्शन का यह सिलसिला बिना किसी व्यवधान के लगातार जारी है।