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भोपाल-मंदसौर एक्सप्रेस-वे को हरी झंडी: 4 घंटे में पूरा होगा सफर, मालवा के व्यापार और तरक्की को लगेंगे नए पंख
23 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर से राजधानी भोपाल के बीच सीधे और सुगम सफर का सपना अब जल्द ही हकीकत में बदलने जा रहा है। शासन स्तर पर भोपाल-मंदसौर एक्सप्रेस-वे के नए रूट को लेकर हलचल तेज हो गई है। इस नए फोरलेन एक्सप्रेस-वे के निर्माण से मंदसौर से भोपाल की दूरी न केवल सिमट जाएगी, बल्कि सफर का समय भी घटकर महज 4 घंटे रह जाएगा। वर्तमान में बदहाल सड़कों और भारी ट्रैफिक के चलते यह सफर तय करने में करीब 8 से 9 घंटे का समय बर्बाद होता है, जिससे आम जनता के साथ-साथ व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना से मालवा क्षेत्र के आर्थिक और व्यापारिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। मंदसौर की सुप्रसिद्ध कृषि उपज मंडी के लहसुन, प्याज, मसाला और अन्य फसलों को इस एक्सप्रेस-वे के जरिए सीधे भोपाल और देश के अन्य बड़े बाजारों तक तेजी से भेजा जा सकेगा। स्थानीय मंडी व्यापारियों का मानना है कि इस मार्ग के बनने से लॉजिस्टिक्स खर्च में भारी कमी आएगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिल सकेगा। रूट डिजाइन को इस तरह अंतिम रूप दिया जा रहा है कि यह औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे जोड़े।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और लोक निर्माण विभाग के तकनीकी दल प्रारंभिक सर्वे और भूमि अधिग्रहण की रूपरेखा तैयार करने में जुट गए हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, इस एक्सप्रेस-वे को पूरी तरह 'ग्रीन कॉरिडोर' के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसके दोनों ओर सघन पौधरोपण होगा। अंचल के जनप्रतिनिधियों ने इसे मंदसौर के विकास के इतिहास में मील का पत्थर बताते हुए कहा है कि इस परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना (DPR) तैयार होते ही जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना से मालवा क्षेत्र के आर्थिक और व्यापारिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। मंदसौर की सुप्रसिद्ध कृषि उपज मंडी के लहसुन, प्याज, मसाला और अन्य फसलों को इस एक्सप्रेस-वे के जरिए सीधे भोपाल और देश के अन्य बड़े बाजारों तक तेजी से भेजा जा सकेगा। स्थानीय मंडी व्यापारियों का मानना है कि इस मार्ग के बनने से लॉजिस्टिक्स खर्च में भारी कमी आएगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिल सकेगा। रूट डिजाइन को इस तरह अंतिम रूप दिया जा रहा है कि यह औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे जोड़े।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और लोक निर्माण विभाग के तकनीकी दल प्रारंभिक सर्वे और भूमि अधिग्रहण की रूपरेखा तैयार करने में जुट गए हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, इस एक्सप्रेस-वे को पूरी तरह 'ग्रीन कॉरिडोर' के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसके दोनों ओर सघन पौधरोपण होगा। अंचल के जनप्रतिनिधियों ने इसे मंदसौर के विकास के इतिहास में मील का पत्थर बताते हुए कहा है कि इस परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना (DPR) तैयार होते ही जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।