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पशुपतिनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब: सावन के तीसरे सोमवार पर तड़के 5 बजे खुले पट, गर्भगृह में प्रवेश पर रही रोक
23 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर के प्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को अलसुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। सुबह ठीक 5 बजे जैसे ही मंदिर के गर्भगृह के पट खुले, पूरा परिसर 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। शिवना नदी के पावन तट पर स्थित इस ऐतिहासिक मंदिर में दर्शन के लिए रविवार रात से ही श्रद्धालु कतारों में खड़े नजर आए।
भीड़ के अत्यधिक दबाव को देखते हुए मंदिर प्रबंध समिति और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से इस बार गर्भगृह में श्रद्धालुओं के सीधे प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा रखी थी। श्रद्धालुओं को बाहर से ही भगवान के दर्शन और अर्घा के माध्यम से जल चढ़ाने की व्यवस्था की गई थी। मौके पर पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अधिकारी खुद मुस्तैद दिखे ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
कांवड़ यात्रियों के जत्थों और स्थानीय भक्तों के सैलाब से मंदिर परिसर के बाहर मेला सा नजारा देखने को मिला। सावन के इस पावन अवसर पर मंदिर को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से भव्य रूप से सजाया गया था। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।
भीड़ के अत्यधिक दबाव को देखते हुए मंदिर प्रबंध समिति और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से इस बार गर्भगृह में श्रद्धालुओं के सीधे प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा रखी थी। श्रद्धालुओं को बाहर से ही भगवान के दर्शन और अर्घा के माध्यम से जल चढ़ाने की व्यवस्था की गई थी। मौके पर पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अधिकारी खुद मुस्तैद दिखे ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
कांवड़ यात्रियों के जत्थों और स्थानीय भक्तों के सैलाब से मंदिर परिसर के बाहर मेला सा नजारा देखने को मिला। सावन के इस पावन अवसर पर मंदिर को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से भव्य रूप से सजाया गया था। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।