Weather & Nature
उमस की मार: मंदसौर में छह दिनों में महज 0.04 इंच बरसे बदरा, 24 से फिर राहत के आसार
23 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर में मानसून की लंबी खींचतान ने अंचल के लोगों को भारी मुसीबत में डाल दिया है। बीते छह दिनों से आसमान में बादलों की आवाजाही तो बनी हुई है, लेकिन बरसने के नाम पर महज 0.04 इंच पानी ही रिकॉर्ड किया गया है। तीखी धूप और हवाओं की सुस्ती के कारण उमस का ग्राफ तेजी से बढ़ा है, जिससे आम जनता दिनभर पसीने से तर-बतर होने को मजबूर है। पंखे और कूलर भी इस चिपचिपाती गर्मी के आगे बेअसर साबित हो रहे हैं।
इस शुष्क मौसम का सीधा असर अब खेतों में लहलहाती फसलों पर भी दिखने लगा है। बारिश थमने से खरीफ की फसलों को पर्याप्त नमी नहीं मिल पा रही है, जिससे क्षेत्र के अन्नदाताओं के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं। किसानों का कहना है कि यदि अगले दो-तीन दिनों में जोरदार बारिश नहीं हुई, तो फसलों के विकास पर विपरित असर पड़ सकता है।
राहत की बात यह है कि मौसम विभाग के अनुसार यह शुष्क दौर जल्द ही खत्म होने वाला है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से आगामी 24 तारीख से मंदसौर सहित मालवा अंचल में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ेगा और गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश का दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है।
इस शुष्क मौसम का सीधा असर अब खेतों में लहलहाती फसलों पर भी दिखने लगा है। बारिश थमने से खरीफ की फसलों को पर्याप्त नमी नहीं मिल पा रही है, जिससे क्षेत्र के अन्नदाताओं के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं। किसानों का कहना है कि यदि अगले दो-तीन दिनों में जोरदार बारिश नहीं हुई, तो फसलों के विकास पर विपरित असर पड़ सकता है।
राहत की बात यह है कि मौसम विभाग के अनुसार यह शुष्क दौर जल्द ही खत्म होने वाला है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से आगामी 24 तारीख से मंदसौर सहित मालवा अंचल में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ेगा और गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश का दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है।