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महाकाल की भक्ति में डूबा मंदसौर: 5 हजार वाहनों के साथ निकली विशाल कांवड़ यात्रा, 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गुंजायमान हुआ शहर
23 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर के प्रमुख मार्गों पर सोमवार को आस्था और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। सावन मास के उपलक्ष्य में आयोजित विशाल वाहन रैली में लगभग पांच हजार से अधिक श्रद्धालु अपने दुपहिया और चौपहिया वाहनों के साथ शामिल हुए। केसरिया ध्वज हाथ में थामे श्रद्धालुओं के हुजूम ने जब नगर के मुख्य चौराहों से प्रस्थान किया, तो पूरा शहर 'हर-हर महादेव' और 'जय बाबा पशुपतिनाथ' के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा।
यह भव्य यात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों जैसे लक्कड़पीठ, घंटाघर, और सदर बाजार होते हुए बाबा पशुपतिनाथ मंदिर परिसर पहुंची। रास्ते भर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों द्वारा पुष्पवर्षा कर यात्रियों का स्वागत किया गया। जगह-जगह पर पेयजल और फलाहार की व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं का उत्साह दोगुना हो गया। इस दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन और यातायात पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।
भगवान भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर युवाओं और महिलाओं की टोलियां डीजे की धार्मिक धुनों पर थिरकती नजर आईं। इस भव्य आयोजन ने मंदसौर को पूरी तरह शिवमय कर दिया। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रतिवर्ष होने वाली इस यात्रा का उद्देश्य शहर में सुख-समृद्धि और भाईचारे की कामना करना है। मंदिर पहुंचने पर महाआरती और महाप्रसाद वितरण के साथ इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान का समापन हुआ।
यह भव्य यात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों जैसे लक्कड़पीठ, घंटाघर, और सदर बाजार होते हुए बाबा पशुपतिनाथ मंदिर परिसर पहुंची। रास्ते भर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों द्वारा पुष्पवर्षा कर यात्रियों का स्वागत किया गया। जगह-जगह पर पेयजल और फलाहार की व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं का उत्साह दोगुना हो गया। इस दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन और यातायात पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।
भगवान भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर युवाओं और महिलाओं की टोलियां डीजे की धार्मिक धुनों पर थिरकती नजर आईं। इस भव्य आयोजन ने मंदसौर को पूरी तरह शिवमय कर दिया। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रतिवर्ष होने वाली इस यात्रा का उद्देश्य शहर में सुख-समृद्धि और भाईचारे की कामना करना है। मंदिर पहुंचने पर महाआरती और महाप्रसाद वितरण के साथ इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान का समापन हुआ।