Crime & Safety
मंदसौर जिला अस्पताल में अजब 'चोरी': मरीज के तीमारदार का 4 लाख रुपयों से भरा बैग मुंह में दबाकर भागा कुत्ता, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात
26 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर के जिला अस्पताल परिसर में बीती रात सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती हुई एक अजीबोगरीब वारदात सामने आई है। अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में भर्ती मरीज के परिजन का ₹4 लाख की नकदी से भरा बैग एक आवारा कुत्ता अपने मुंह में दबाकर रफूचक्कर हो गया। पीड़ित परिवार ने जब सुबह उठकर बैग गायब देखा, तो अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने जब अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो जो सच सामने आया उसे देख हर कोई हक्का-बक्का रह गया।
सीसीटीवी फुटेज में साफ नजर आ रहा है कि देर रात करीब 2:00 बजे एक आवारा कुत्ता दबे पांव वार्ड के भीतर दाखिल होता है। फर्श पर सो रहे तीमारदार के सिरहाने रखे काले रंग के बैग को कुत्ता बड़ी चालाकी से अपने मुंह में दबाता है और पलक झपकते ही बाहर निकल जाता है। पीड़ित दिनेश पाटीदार ने बताया कि वे अपनी पत्नी के प्रसव के लिए अस्पताल आए थे और जमीन सौदे के सिलसिले में लाए गए ₹4 लाख रुपये उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से बैग में ही रखे थे।
कोतवाली थाना पुलिस की टीम तुरंत मुस्तैद होकर अस्पताल परिसर और आसपास के सुनसान इलाकों में सर्चिंग में जुट गई है। पुलिस ने अस्पताल के पीछे झाड़ियों से फटा हुआ बैग तो बरामद कर लिया है, जिसमें से कुछ जरूरी दस्तावेज मिले हैं, लेकिन नकदी का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर आवारा कुत्तों के खुलेआम घूमने और सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक को लेकर अब स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
सीसीटीवी फुटेज में साफ नजर आ रहा है कि देर रात करीब 2:00 बजे एक आवारा कुत्ता दबे पांव वार्ड के भीतर दाखिल होता है। फर्श पर सो रहे तीमारदार के सिरहाने रखे काले रंग के बैग को कुत्ता बड़ी चालाकी से अपने मुंह में दबाता है और पलक झपकते ही बाहर निकल जाता है। पीड़ित दिनेश पाटीदार ने बताया कि वे अपनी पत्नी के प्रसव के लिए अस्पताल आए थे और जमीन सौदे के सिलसिले में लाए गए ₹4 लाख रुपये उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से बैग में ही रखे थे।
कोतवाली थाना पुलिस की टीम तुरंत मुस्तैद होकर अस्पताल परिसर और आसपास के सुनसान इलाकों में सर्चिंग में जुट गई है। पुलिस ने अस्पताल के पीछे झाड़ियों से फटा हुआ बैग तो बरामद कर लिया है, जिसमें से कुछ जरूरी दस्तावेज मिले हैं, लेकिन नकदी का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर आवारा कुत्तों के खुलेआम घूमने और सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक को लेकर अब स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।