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मन्दसौर में अकीदत के साथ निकला ईद मिलादुन्नबी का ऐतिहासिक जुलूस, उमड़ा 50 हजार अकीदतमंदों का जनसैलाब
26 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर के ऐतिहासिक खानपुरा क्षेत्र से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरे ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में इस बार अकीदत का सैलाब उमड़ पड़ा। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिवस के इस पाक मौके पर आयोजित जुलूस में 50 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद रहा। एसपी के निर्देश पर शहर के चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, वहीं तीसरी आंख यानी ड्रोन कैमरों के जरिए पूरे जुलूस मार्ग की सघन निगरानी की गई।
जुलूस के दौरान पूरा शहर 'सरकार की आमद मरहबा' के नारों से गुंजायमान हो उठा। विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों द्वारा मंच बनाकर जुलूस का पुष्पवर्षा से भव्य स्वागत किया गया, जो शहर की कौमी एकता की मिसाल को बयां कर रहा था। इस मुबारक मौके पर शहर काजी आसिफ उल्ला खान ने जामा मस्जिद के समीप अकीदतमंदों को संबोधित करते हुए कहा कि इस्लाम हमेशा अमन, चैन और इंसानियत का संदेश देता है। उन्होंने सभी से आपसी भाईचारा बनाए रखने और मुल्क की तरक्की व खुशहाली के लिए दुआ करने की अपील की।
प्रशासन और पुलिस की कड़ी चौकसी के चलते पूरा आयोजन बेहद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। जुलूस मार्ग पर जगह-जगह लंगर और शरबत की छबीलें लगाई गई थीं, जहां हिंदू-मुस्लिम भाइयों ने मिलकर खिदमत की और आपसी सौहार्द की नई मिसाल पेश की। शाम को जुलूस के समापन के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली और मुस्तैदी के लिए जवानों की पीठ थपथपाई।
जुलूस के दौरान पूरा शहर 'सरकार की आमद मरहबा' के नारों से गुंजायमान हो उठा। विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों द्वारा मंच बनाकर जुलूस का पुष्पवर्षा से भव्य स्वागत किया गया, जो शहर की कौमी एकता की मिसाल को बयां कर रहा था। इस मुबारक मौके पर शहर काजी आसिफ उल्ला खान ने जामा मस्जिद के समीप अकीदतमंदों को संबोधित करते हुए कहा कि इस्लाम हमेशा अमन, चैन और इंसानियत का संदेश देता है। उन्होंने सभी से आपसी भाईचारा बनाए रखने और मुल्क की तरक्की व खुशहाली के लिए दुआ करने की अपील की।
प्रशासन और पुलिस की कड़ी चौकसी के चलते पूरा आयोजन बेहद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। जुलूस मार्ग पर जगह-जगह लंगर और शरबत की छबीलें लगाई गई थीं, जहां हिंदू-मुस्लिम भाइयों ने मिलकर खिदमत की और आपसी सौहार्द की नई मिसाल पेश की। शाम को जुलूस के समापन के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली और मुस्तैदी के लिए जवानों की पीठ थपथपाई।