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बर्राखेड़ी में नारकीय हालात: कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हुआ मुख्य मार्ग, प्रशासन की बेरुखी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश
28 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मन्दसौर जिले के ग्राम बर्राखेड़ी में इन दिनों ग्रामीणों को नारकीय हालातों में जीने को मजबूर होना पड़ रहा है। मानसून की दस्तक के बाद से गांव का मुख्य संपर्क मार्ग पूरी तरह कीचड़ और गहरे गड्ढों के दलदल में तब्दील हो चुका है। हालत यह है कि राहगीरों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। सबसे ज्यादा संकट स्कूली नौनिहालों और बुजुर्ग मरीजों पर आन पड़ा है, जो आए दिन इस कीचड़ भरे रास्ते पर संतुलन खोकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस सड़क की बदहाली को लेकर ग्राम पंचायत से लेकर क्षेत्र के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों तक कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें भेजी जा चुकी हैं। हर बार ग्रामीणों को केवल आश्वासन का झुनझुना थमा दिया जाता है। चुनावी मौसम में विकास की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले राजनेता अब इस गंभीर समस्या पर पूरी तरह मौन साधे बैठे हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।
गांव के युवाओं और बुजुर्गों ने एकजुट होकर चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेकर इस मार्ग की सुध नहीं ली और कीचड़ मुक्ति का ठोस उपाय नहीं किया, तो वे चक्काजाम और उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे। बदहाल सड़क पर हादसे की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल अस्थाई तौर पर मुरम डलवाने की मांग की है ताकि कम से कम राहगीरों का पैदल निकलना सुरक्षित हो सके।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस सड़क की बदहाली को लेकर ग्राम पंचायत से लेकर क्षेत्र के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों तक कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें भेजी जा चुकी हैं। हर बार ग्रामीणों को केवल आश्वासन का झुनझुना थमा दिया जाता है। चुनावी मौसम में विकास की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले राजनेता अब इस गंभीर समस्या पर पूरी तरह मौन साधे बैठे हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।
गांव के युवाओं और बुजुर्गों ने एकजुट होकर चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेकर इस मार्ग की सुध नहीं ली और कीचड़ मुक्ति का ठोस उपाय नहीं किया, तो वे चक्काजाम और उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे। बदहाल सड़क पर हादसे की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल अस्थाई तौर पर मुरम डलवाने की मांग की है ताकि कम से कम राहगीरों का पैदल निकलना सुरक्षित हो सके।