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महिलाओं में कैंसर की जल्द पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग मुस्तैद: मंदसौर, नीमच और उज्जैन के 35 सीएचओ को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
28 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर जिला मुख्यालय पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा महिला स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। संभाग स्तरीय इस प्रशिक्षण शिविर में मंदसौर, नीमच और उज्जैन जिले के 35 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (सीएचओ) ने हिस्सा लिया। शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में महिलाओं के बीच बढ़ रहे सर्वाइकल कैंसर के मामलों की समय पर पहचान करना और उन्हें उचित इलाज मुहैया कराना है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के मार्गदर्शन में आयोजित इस ट्रेनिंग में मास्टर ट्रेनर्स ने सीएचओ को स्क्रीनिंग तकनीकों, शुरुआती लक्षणों की पहचान और संदिग्ध मरीजों को उच्च स्वास्थ्य केंद्रों पर तत्काल रेफर करने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी के कारण महिलाएं इस बीमारी के अंतिम चरणों में अस्पताल पहुंचती हैं, जिससे इलाज बेहद कठिन हो जाता है। अब उप-स्वास्थ्य केंद्रों पर ही प्राथमिक जांच संभव हो सकेगी।
इस प्रशिक्षण के बाद अब ये प्रशिक्षित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर न केवल महिलाओं की थर्मल और विजुअल स्क्रीनिंग करेंगे, बल्कि कैंसर जैसी घातक बीमारी के खिलाफ मैदानी स्तर पर सजगता अभियान भी चलाएंगे। स्वास्थ्य महकमे का मानना है कि इस कदम से जिला स्तर पर कैंसर के गंभीर मामलों में कमी आएगी और समय रहते इलाज शुरू होने से कई महिलाओं की जान बचाई जा सकेगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के मार्गदर्शन में आयोजित इस ट्रेनिंग में मास्टर ट्रेनर्स ने सीएचओ को स्क्रीनिंग तकनीकों, शुरुआती लक्षणों की पहचान और संदिग्ध मरीजों को उच्च स्वास्थ्य केंद्रों पर तत्काल रेफर करने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी के कारण महिलाएं इस बीमारी के अंतिम चरणों में अस्पताल पहुंचती हैं, जिससे इलाज बेहद कठिन हो जाता है। अब उप-स्वास्थ्य केंद्रों पर ही प्राथमिक जांच संभव हो सकेगी।
इस प्रशिक्षण के बाद अब ये प्रशिक्षित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर न केवल महिलाओं की थर्मल और विजुअल स्क्रीनिंग करेंगे, बल्कि कैंसर जैसी घातक बीमारी के खिलाफ मैदानी स्तर पर सजगता अभियान भी चलाएंगे। स्वास्थ्य महकमे का मानना है कि इस कदम से जिला स्तर पर कैंसर के गंभीर मामलों में कमी आएगी और समय रहते इलाज शुरू होने से कई महिलाओं की जान बचाई जा सकेगी।