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अकीदत और उत्साह के साथ निकला ईद मिलादुन्नबी का ऐतिहासिक जुलूस, 50 हजार से अधिक अकीदतमंदों ने बिखेरी अमन-चैन की महक
29 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरे ईद मिलादुन्नबी के ऐतिहासिक जुलूस में इस बार आस्था और भाईचारे का अनूठा सैलाब देखने को मिला। अंजुमन गुलामाने मुस्तफा कमेटी के बैनर तले आयोजित इस भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी में करीब 50 हजार से अधिक अकीदतमंदों ने शिरकत की। खानपुरा स्थित जामा मस्जिद से शुरू हुआ यह जुलूस पारंपरिक रास्तों से होता हुआ गुजरा, जहां रास्ते भर फूलों की बारिश कर इसका पुरजोश इस्तकबाल किया गया।
जुलूस के दौरान मुख्य मंच से कौम को संबोधित करते हुए शहर काजी आसिफ उल्लाह ने कहा कि पैगंबर साहब ने दुनिया को हमेशा इंसानियत, अमन और मोहब्बत का रास्ता दिखाया है। आज हमें उनके बताए रास्ते पर चलकर समाज में भाईचारे को मजबूत करने की जरूरत है। इस दौरान प्रशासनिक अमला और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था, वहीं खुद पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर पल-पल की गतिविधि पर नजर बनाए हुए थे।
संवेदनशील इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा आधुनिक ड्रोन कैमरों से पूरे मार्ग की निगरानी की जा रही थी। शहर के विभिन्न चौराहों पर बने वॉच टावरों से भी पुलिसकर्मी पैनी नजर रखे हुए थे। गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते हुए विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने भी जुलूस का स्वागत किया, जिससे पूरा मंदसौर शहर कौमी एकता के रंग में सराबोर नजर आया।
जुलूस के दौरान मुख्य मंच से कौम को संबोधित करते हुए शहर काजी आसिफ उल्लाह ने कहा कि पैगंबर साहब ने दुनिया को हमेशा इंसानियत, अमन और मोहब्बत का रास्ता दिखाया है। आज हमें उनके बताए रास्ते पर चलकर समाज में भाईचारे को मजबूत करने की जरूरत है। इस दौरान प्रशासनिक अमला और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात था, वहीं खुद पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर पल-पल की गतिविधि पर नजर बनाए हुए थे।
संवेदनशील इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा आधुनिक ड्रोन कैमरों से पूरे मार्ग की निगरानी की जा रही थी। शहर के विभिन्न चौराहों पर बने वॉच टावरों से भी पुलिसकर्मी पैनी नजर रखे हुए थे। गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते हुए विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने भी जुलूस का स्वागत किया, जिससे पूरा मंदसौर शहर कौमी एकता के रंग में सराबोर नजर आया।