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बर्राखेड़ी में 'विकास' हुआ दलदल: कीचड़ भरे रास्तों पर रेंगने को मजबूर ग्रामीण, प्रशासन के खिलाफ फूटा गुस्सा
29 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर जिले के ग्राम बर्राखेड़ी में बुनियादी सुविधाओं और विकास के तमाम दावों की पोल खुल गई है। मानसून की मामूली बारिश के बाद ही गांव का मुख्य मार्ग पूरी तरह से कीचड़ के साम्राज्य और गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुका है। हालत यह है कि इस मार्ग से गुजरना अब किसी खतरे से खाली नहीं रह गया है। रोजाना स्कूल जाने वाले मासूम बच्चे और इलाज के लिए अस्पताल जाने वाले बुजुर्ग व मरीज इस दलदल नुमा रास्ते पर फिसलकर चोटिल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार प्रशासनिक अमला गहरी नींद में सोया हुआ है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने और शिकायती पत्र सौंपने के बाद भी पंचायत प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। चुनाव के समय हाथ जोड़कर वोट मांगने आने वाले नेता अब इस नारकीय स्थिति को देखने तक नहीं आ रहे हैं। इस अनदेखी से नाराज ग्रामीणों का सब्र अब जवाब दे चुका है। उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि जल्द ही सड़क सुधार का काम शुरू नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
स्थानीय निवासी रमेश पाटीदार और श्यामलाल ने बताया कि दलदल के कारण आए दिन दुपहिया वाहन चालक रपट रहे हैं, जिससे बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। यदि समय रहते लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन ने सुध नहीं ली, तो ग्रामीण चक्काजाम कर कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे। ढुलमुल रवैये से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने और शिकायती पत्र सौंपने के बाद भी पंचायत प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। चुनाव के समय हाथ जोड़कर वोट मांगने आने वाले नेता अब इस नारकीय स्थिति को देखने तक नहीं आ रहे हैं। इस अनदेखी से नाराज ग्रामीणों का सब्र अब जवाब दे चुका है। उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि जल्द ही सड़क सुधार का काम शुरू नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
स्थानीय निवासी रमेश पाटीदार और श्यामलाल ने बताया कि दलदल के कारण आए दिन दुपहिया वाहन चालक रपट रहे हैं, जिससे बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। यदि समय रहते लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन ने सुध नहीं ली, तो ग्रामीण चक्काजाम कर कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे। ढुलमुल रवैये से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।