Weather & Nature
मंदसौर में सात दिनों बाद बरसे बदरा: झमाझम बारिश से उमस का दौर खत्म, सीजन का आंकड़ा 20.37 इंच पहुंचा
30 August 2026
•
By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर जिला मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में बीते सात दिनों से जारी भीषण गर्मी और उमस के दौर पर आखिरकार बुधवार को विराम लग गया। आसमान में सुबह से ही डेरा डाले काली घटाओं ने दोपहर होते-होते झमाझम बरसना शुरू कर दिया। इस बारिश से न केवल तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, बल्कि खेतों में सूख रही सोयाबीन की फसलों को भी संजीवनी मिल गई है। अचानक मौसम बदलने से शहर की सड़कों पर पानी बह निकला और मौसम खुशनुमा हो गया।
भू-अभिलेख कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस ताज़ा बारिश के बाद जिले में चालू मानसून सीजन की कुल वर्षा का आंकड़ा 20.37 इंच तक पहुंच गया है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों की चिंता अभी भी बरकरार है क्योंकि पिछले वर्ष आज की तारीख तक जिले में इससे करीब 3.5 इंच अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी थी। इस बार सावन और भादो की सुस्ती ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी थीं, लेकिन इस नए दौर ने खरीफ की फसलों के लिए अमृत का काम किया है।
स्थानीय मौसम केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के चलते मालवा अंचल में आने वाले 24 से 48 घंटों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। शिवना नदी के तटीय इलाकों में प्रशासन को अलर्ट रहने की हिदायत दी गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सात दिनों के लंबे सूखे के बाद हुई इस बारिश ने न केवल गर्मी से निजात दिलाई है, बल्कि कुओं और जलाशयों के जलस्तर में भी सुधार की उम्मीद जगाई है।
भू-अभिलेख कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस ताज़ा बारिश के बाद जिले में चालू मानसून सीजन की कुल वर्षा का आंकड़ा 20.37 इंच तक पहुंच गया है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों की चिंता अभी भी बरकरार है क्योंकि पिछले वर्ष आज की तारीख तक जिले में इससे करीब 3.5 इंच अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी थी। इस बार सावन और भादो की सुस्ती ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी थीं, लेकिन इस नए दौर ने खरीफ की फसलों के लिए अमृत का काम किया है।
स्थानीय मौसम केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के चलते मालवा अंचल में आने वाले 24 से 48 घंटों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। शिवना नदी के तटीय इलाकों में प्रशासन को अलर्ट रहने की हिदायत दी गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सात दिनों के लंबे सूखे के बाद हुई इस बारिश ने न केवल गर्मी से निजात दिलाई है, बल्कि कुओं और जलाशयों के जलस्तर में भी सुधार की उम्मीद जगाई है।