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गारिया खेड़ी शासकीय स्कूल की हालत बदतर: जर्जर भवन और टूटी पुलिया के साये में भविष्य गढ़ रहे नौनिहाल, हादसे का डर
01 September 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर विकासखंड के ग्राम गारिया खेड़ी का शासकीय विद्यालय इन दिनों प्रशासन की भारी अनदेखी के चलते बदहाली के आंसू बहा रहा है। स्कूल का मुख्य भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिससे हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। बारिश के मौसम में छत से पानी टपकने के कारण बच्चों को बैठने में भारी असुविधा होती है। सबसे गंभीर समस्या सुरक्षा की है, क्योंकि स्कूल परिसर की बाउंड्रीवॉल न होने से आवारा पशुओं का डेरा लगा रहता है और बच्चों पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है।
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि स्कूल तक पहुँचने के मार्ग पर बनी पुलिया लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। इसके अलावा खेल मैदान में जगह-जगह गहरे गड्ढे हो चुके हैं, जिनमें बारिश का पानी जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। बच्चे खेल-खेल में इन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इस संबंध में कई बार शिक्षा विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायतें सौंपी गईं, लेकिन अब तक जिम्मेदार महकमा गहरी नींद से नहीं जागा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
'हेलो मंदसौर डेली' की पड़ताल में सामने आया कि बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर यहाँ शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्कूल भवन की मरम्मत, बाउंड्रीवॉल का निर्माण और क्षतिग्रस्त पुलिया को ठीक नहीं किया गया, तो वे अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर देंगे और जिला मुख्यालय पर उग्र प्रदर्शन करेंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब सुध लेता है।
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि स्कूल तक पहुँचने के मार्ग पर बनी पुलिया लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। इसके अलावा खेल मैदान में जगह-जगह गहरे गड्ढे हो चुके हैं, जिनमें बारिश का पानी जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। बच्चे खेल-खेल में इन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इस संबंध में कई बार शिक्षा विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायतें सौंपी गईं, लेकिन अब तक जिम्मेदार महकमा गहरी नींद से नहीं जागा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
'हेलो मंदसौर डेली' की पड़ताल में सामने आया कि बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर यहाँ शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्कूल भवन की मरम्मत, बाउंड्रीवॉल का निर्माण और क्षतिग्रस्त पुलिया को ठीक नहीं किया गया, तो वे अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर देंगे और जिला मुख्यालय पर उग्र प्रदर्शन करेंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब सुध लेता है।