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मौसम के बदलते मिजाज से मंदसौर जिला अस्पताल में हाहाकार, रोजाना पहुंच रहे 1000 से अधिक मरीज; वायरल का बढ़ा प्रकोप
01 September 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर जिला अस्पताल के ओपीडी (OPD) ब्लॉक में इन दिनों पैर रखने की भी जगह नहीं मिल रही है। मौसम में अचानक आए उतार-चढ़ाव के कारण मौसमी बीमारियों ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना लगभग 1000 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश मरीज सर्दी-खांसी, तेज बुखार, उल्टी-दस्त, पेट दर्द और गले में गंभीर इंफेक्शन की शिकायतों से ग्रसित हैं। अस्पताल परिसर में सुबह से ही पर्ची बनवाने और डॉक्टरों को दिखाने के लिए मरीजों की लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
चिकित्सकों के अनुसार, दिन में तेज गर्मी और रात को अचानक बढ़ रही ठंडक के कारण शरीर का तापमान असंतुलित हो रहा है, जिससे वायरल इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण वे इस मौसमी बदलाव की चपेट में जल्दी आ रहे हैं। अस्पताल के दवा वितरण काउंटरों पर भी मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिसके चलते प्रशासन को अतिरिक्त काउंटर चालू करने पड़े हैं ताकि मरीजों को घंटों इंतजार न करना पड़े।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने आमजन से अपील की है कि वे इस मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान रखें। बासी भोजन और दूषित पानी से परहेज करें और उबला हुआ पानी पीएं। डॉक्टरों ने सख्त हिदायत दी है कि यदि बुखार या गले में संक्रमण के लक्षण दिखें, तो खुद से मेडिकल स्टोर से दवा लेने (Self-medication) के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर से संपर्क करें। जिला अस्पताल प्रशासन ने दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और डॉक्टरों की चौबीसों घंटे मुस्तैदी सुनिश्चित की है।
चिकित्सकों के अनुसार, दिन में तेज गर्मी और रात को अचानक बढ़ रही ठंडक के कारण शरीर का तापमान असंतुलित हो रहा है, जिससे वायरल इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण वे इस मौसमी बदलाव की चपेट में जल्दी आ रहे हैं। अस्पताल के दवा वितरण काउंटरों पर भी मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिसके चलते प्रशासन को अतिरिक्त काउंटर चालू करने पड़े हैं ताकि मरीजों को घंटों इंतजार न करना पड़े।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने आमजन से अपील की है कि वे इस मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान रखें। बासी भोजन और दूषित पानी से परहेज करें और उबला हुआ पानी पीएं। डॉक्टरों ने सख्त हिदायत दी है कि यदि बुखार या गले में संक्रमण के लक्षण दिखें, तो खुद से मेडिकल स्टोर से दवा लेने (Self-medication) के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर से संपर्क करें। जिला अस्पताल प्रशासन ने दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और डॉक्टरों की चौबीसों घंटे मुस्तैदी सुनिश्चित की है।