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सलाखों के पार पहुंचा बहनों का स्नेह: मंदसौर जेल में उमड़ा दो हजार बहनों का सैलाब, बाबा पशुपतिनाथ को भी बंधा रक्षासूत्र
01 September 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर जिला जेल परिसर में सोमवार को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बेहद भावुक कर देने वाले दृश्य सामने आए। जेल प्रशासन की पुख्ता व्यवस्था और मुस्तैद प्रहरियों की निगरानी में सुबह से ही जेल के मुख्य द्वार पर बहनों का तांता लग गया। जेल अधीक्षक के निर्देशन में सुरक्षा जांच के बाद करीब दो हजार से अधिक बहनों को सलाखों के पीछे बंद अपने भाइयों से मिलने की अनुमति दी गई। इस दौरान वर्षों बाद मिले भाई-बहनों के चेहरे खिल उठे और पूरा परिसर आंसुओं और स्नेह के मिलन का गवाह बना।
दूसरी ओर, शिवना नदी के पावन तट पर स्थित विश्वप्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में भी आस्था का अनूठा उल्लास बिखरा नजर आया। जिन महिलाओं के भाई नहीं हैं, उन्होंने जगत के नाथ बाबा पशुपतिनाथ को अपना भाई मानकर गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना की और महादेव को आकर्षक रक्षासूत्र अर्पित किया। मंदिर समिति और पुजारियों के सहयोग से आयोजित इस अनुष्ठान को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और दर्शनार्थी उपस्थित रहे।
इस विशेष अवसर पर पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। त्योहार के मद्देनजर पशुपतिनाथ मंदिर मार्ग और जेल रोड पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जवानों की तैनाती की गई थी। अपनों से दूर बंदियों के लिए जेल प्रशासन की यह संवेदनशील पहल और बाबा पशुपतिनाथ के प्रति अटूट जनआस्था ने इस बार के रक्षाबंधन को बेहद खास बना दिया।
दूसरी ओर, शिवना नदी के पावन तट पर स्थित विश्वप्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में भी आस्था का अनूठा उल्लास बिखरा नजर आया। जिन महिलाओं के भाई नहीं हैं, उन्होंने जगत के नाथ बाबा पशुपतिनाथ को अपना भाई मानकर गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना की और महादेव को आकर्षक रक्षासूत्र अर्पित किया। मंदिर समिति और पुजारियों के सहयोग से आयोजित इस अनुष्ठान को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और दर्शनार्थी उपस्थित रहे।
इस विशेष अवसर पर पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। त्योहार के मद्देनजर पशुपतिनाथ मंदिर मार्ग और जेल रोड पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जवानों की तैनाती की गई थी। अपनों से दूर बंदियों के लिए जेल प्रशासन की यह संवेदनशील पहल और बाबा पशुपतिनाथ के प्रति अटूट जनआस्था ने इस बार के रक्षाबंधन को बेहद खास बना दिया।