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भोपाल-उदयपुर का सफर अब सिर्फ 6 घंटे में: मंदसौर, नीमच और रतलाम को मिलेगी हाईस्पीड कनेक्टिविटी की सौगात
02 September 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
भोपाल से लेक सिटी उदयपुर का सफर अब महज 6 घंटे में पूरा होगा। मध्य प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती जिलों को जोड़ने के लिए एक महत्वाकांक्षी हाईस्पीड कनेक्टिविटी कॉरिडोर की रूपरेखा तैयार की गई है। इस नए रूट से न केवल भोपाल और उदयपुर की दूरी सिमटेगी, बल्कि रतलाम, नीमच, जयपुर और अलवर जैसे प्रमुख व्यापारिक व औद्योगिक शहर भी आपस में तेज रफ्तार सड़क मार्ग से जुड़ जाएंगे।
मालवा क्षेत्र के लिए यह बड़ी सौगात मानी जा रही है। विशेषकर नीमच, मंदसौर और रतलाम जिले के व्यापारियों और दैनिक यात्रियों को राजस्थान के उदयपुर और जयपुर जाने में अब समय की भारी बचत होगी। इस नए कॉरिडोर के बनने से क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी। परियोजना के तहत एक्सप्रेस-वे और फोरलेन हाईवे के नेटवर्क को इस तरह से अपग्रेड किया जा रहा है कि वाहनों की गति सीमा को सुरक्षित रूप से बढ़ाया जा सके।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और प्रदेश के लोक निर्माण विभाग द्वारा इस कॉरिडोर को लेकर जमीनी स्तर पर सर्वे शुरू कर दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट के पूरा होने से दोनों राज्यों के बीच माल परिवहन (लॉजिस्टिक्स) की लागत में भारी कमी आएगी। स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे मालवा के विकास के लिए मील का पत्थर बताया है।
मालवा क्षेत्र के लिए यह बड़ी सौगात मानी जा रही है। विशेषकर नीमच, मंदसौर और रतलाम जिले के व्यापारियों और दैनिक यात्रियों को राजस्थान के उदयपुर और जयपुर जाने में अब समय की भारी बचत होगी। इस नए कॉरिडोर के बनने से क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी। परियोजना के तहत एक्सप्रेस-वे और फोरलेन हाईवे के नेटवर्क को इस तरह से अपग्रेड किया जा रहा है कि वाहनों की गति सीमा को सुरक्षित रूप से बढ़ाया जा सके।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और प्रदेश के लोक निर्माण विभाग द्वारा इस कॉरिडोर को लेकर जमीनी स्तर पर सर्वे शुरू कर दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट के पूरा होने से दोनों राज्यों के बीच माल परिवहन (लॉजिस्टिक्स) की लागत में भारी कमी आएगी। स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे मालवा के विकास के लिए मील का पत्थर बताया है।