Crime & Safety
मंदसौर पुलिस की बड़ी कामयाबी: तीन राज्यों में आतंक मचाने वाली 'कालिया गैंग' धरायी, 120 भैंसों की चोरी और 40 वारदातों का खुलासा
02 September 2026
•
By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशन में काम कर रही विशेष टीम ने क्षेत्र में सक्रिय कुख्यात 'कालिया गैंग' के शातिर गुर्गों को घेराबंदी कर दबोच लिया है। पुलिस की गिरफ्त में आए इन बदमाशों ने पूछताछ में बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इस गिरोह ने मध्य प्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्य राजस्थान और गुजरात में भी लंबे समय से आतंक मचा रखा था। पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों ने अब तक कुल 40 से अधिक चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की है, जिसमें करीब 120 भैंसों को चुराया गया था।
पुलिसिया पूछताछ में आरोपियों ने अपना मोडस ऑपरेंडी (काम करने का तरीका) उजागर करते हुए बताया कि वे रात के सन्नाटे में ग्रामीण इलाकों के तबेले और सूने बाड़ों को निशाना बनाते थे। चोरी की गई भैंसों को बड़े वाहनों में ठूंस-ठूंसकर लादते और रातों-रात दूसरे राज्यों की मंडियों और कसाइयों को औने-पौने दामों में बेच देते थे। इस शातिर गैंग की धरपकड़ के लिए पुलिस की विंग पिछले कई दिनों से जाल बिछा रही थी। आखिरकार मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने नाकेबंदी कर मुख्य सरगना सहित उसके साथियों को दबोचने में सफलता हासिल की।
'Hello Mandsaur Daily' से विशेष बातचीत में जांच अधिकारियों ने बताया कि पुलिस अब आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। रिमांड के दौरान चोरी किए गए पशुओं की बरामदगी और इस काले कारोबार में शामिल अन्य खरीदारों के नामों का खुलासा होने की पूरी उम्मीद है। पुलिस इस गिरोह के अन्य मददगारों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और मामले की तफ्तीश सरगर्मी से जारी है।
पुलिसिया पूछताछ में आरोपियों ने अपना मोडस ऑपरेंडी (काम करने का तरीका) उजागर करते हुए बताया कि वे रात के सन्नाटे में ग्रामीण इलाकों के तबेले और सूने बाड़ों को निशाना बनाते थे। चोरी की गई भैंसों को बड़े वाहनों में ठूंस-ठूंसकर लादते और रातों-रात दूसरे राज्यों की मंडियों और कसाइयों को औने-पौने दामों में बेच देते थे। इस शातिर गैंग की धरपकड़ के लिए पुलिस की विंग पिछले कई दिनों से जाल बिछा रही थी। आखिरकार मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने नाकेबंदी कर मुख्य सरगना सहित उसके साथियों को दबोचने में सफलता हासिल की।
'Hello Mandsaur Daily' से विशेष बातचीत में जांच अधिकारियों ने बताया कि पुलिस अब आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। रिमांड के दौरान चोरी किए गए पशुओं की बरामदगी और इस काले कारोबार में शामिल अन्य खरीदारों के नामों का खुलासा होने की पूरी उम्मीद है। पुलिस इस गिरोह के अन्य मददगारों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और मामले की तफ्तीश सरगर्मी से जारी है।