Crime & Safety
भ्रष्टाचार पर बड़ी गाज: मंदसौर CMHO डॉ. चौरसिया निलंबित, भतीजे के साथ मिलकर स्वास्थ्य विभाग में चला रहे थे वसूली का खेल
26 July 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर जिला अस्पताल और स्वास्थ्य महकमे में लंबे समय से पैर पसारे भ्रष्टाचार के सिंडिकेट पर आखिरकार प्रशासन का डंडा चल ही गया। उज्जैन संभागीय आयुक्त संजय गुप्ता ने कड़ा रुख अपनाते हुए मंदसौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. कुमारेश चौरसिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। डॉ. चौरसिया पर अपने सगे भतीजे के साथ मिलकर विभाग में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं बरतने और अवैध वसूली करने के गंभीर आरोप लगे थे। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से जिले के प्रशासनिक और स्वास्थ्य अमले में हड़कंप मच गया है।
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीएमएचओ डॉ. चौरसिया ने अपने रसूख का इस्तेमाल कर अपने भतीजे को स्वास्थ्य विभाग के सरकारी कामकाज में अनधिकृत रूप से हस्तक्षेप करने की पूरी छूट दे रखी थी। अस्पतालों में उपकरणों की खरीदी, निजी क्लीनिकों के रजिस्ट्रेशन, ट्रांसफर-पोस्टिंग और विभिन्न देयकों के भुगतान के बदले मोटी रकम ऐंठने का खेल धड़ल्ले से जारी था। इस भ्रष्टाचार के खिलाफ स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद संभागायुक्त ने गोपनीय जांच करवाई थी।
जांच रिपोर्ट में भ्रष्टाचार की पुष्टि होते ही निलंबन के आदेश जारी कर दिए गए। निलंबन अवधि के दौरान डॉ. चौरसिया का मुख्यालय उज्जैन संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय तय किया गया है। जिला अस्पताल में मलाई खाने वाले इस सिंडिकेट के टूटने से ईमानदार कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है, वहीं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अब इस काले खेल में शामिल अन्य चेहरों को बेनकाब करने के लिए आगे की तफ्तीश में जुट गए हैं।
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीएमएचओ डॉ. चौरसिया ने अपने रसूख का इस्तेमाल कर अपने भतीजे को स्वास्थ्य विभाग के सरकारी कामकाज में अनधिकृत रूप से हस्तक्षेप करने की पूरी छूट दे रखी थी। अस्पतालों में उपकरणों की खरीदी, निजी क्लीनिकों के रजिस्ट्रेशन, ट्रांसफर-पोस्टिंग और विभिन्न देयकों के भुगतान के बदले मोटी रकम ऐंठने का खेल धड़ल्ले से जारी था। इस भ्रष्टाचार के खिलाफ स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद संभागायुक्त ने गोपनीय जांच करवाई थी।
जांच रिपोर्ट में भ्रष्टाचार की पुष्टि होते ही निलंबन के आदेश जारी कर दिए गए। निलंबन अवधि के दौरान डॉ. चौरसिया का मुख्यालय उज्जैन संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय तय किया गया है। जिला अस्पताल में मलाई खाने वाले इस सिंडिकेट के टूटने से ईमानदार कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है, वहीं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अब इस काले खेल में शामिल अन्य चेहरों को बेनकाब करने के लिए आगे की तफ्तीश में जुट गए हैं।