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भोपाल-उदयपुर के बीच दौड़ेगी विकास की रफ्तार: रतलाम, नीमच और मंदसौर के रास्ते राजस्थान जाना होगा बेहद आसान
04 September 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर, रतलाम और नीमच समेत पूरे मालवांचल को राजस्थान से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़े रोड नेटवर्क प्लान को हरी झंडी दे दी है। भोपाल से उदयपुर के बीच बनने जा रहे इस नए हाई-स्पीड कनेक्टिविटी कॉरिडोर के बाद दोनों शहरों की दूरी महज 6 घंटे में सिमट जाएगी। इस परियोजना से मध्य प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती जिलों के बीच का सफर न केवल आसान होगा, बल्कि मालवा क्षेत्र से सीधे जयपुर, अलवर और दिल्ली तक की कनेक्टिविटी भी बेहद तेज हो जाएगी।
लोक निर्माण विभाग और सड़क परिवहन मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस नए रूट को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि इस पर वाहनों की औसत गति 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा बनी रहे। इस कॉरिडोर का सीधा फायदा मंदसौर और नीमच के कृषि व्यापारियों को मिलेगा, जो अपनी लहसुन, अफीम और अन्य उपज को कम समय में बड़ी मंडियों और बंदरगाहों तक भेज सकेंगे। हादसों को रोकने के लिए इस मार्ग पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी लगाया जाएगा।
इस परियोजना के तहत कुछ हिस्सों को पूरी तरह ग्रीनफील्ड (नया मार्ग) बनाया जाएगा, जबकि पुराने व्यस्त मार्गों का चौड़ीकरण किया जाएगा। शासन की इस मुस्तैदी से जहां पर्यटन को नई संजीवनी मिलेगी, वहीं दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध भी मजबूत होंगे। विभागीय स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना (DPR) तैयार करने की कवायद तेज कर दी गई है।
लोक निर्माण विभाग और सड़क परिवहन मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस नए रूट को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि इस पर वाहनों की औसत गति 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा बनी रहे। इस कॉरिडोर का सीधा फायदा मंदसौर और नीमच के कृषि व्यापारियों को मिलेगा, जो अपनी लहसुन, अफीम और अन्य उपज को कम समय में बड़ी मंडियों और बंदरगाहों तक भेज सकेंगे। हादसों को रोकने के लिए इस मार्ग पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी लगाया जाएगा।
इस परियोजना के तहत कुछ हिस्सों को पूरी तरह ग्रीनफील्ड (नया मार्ग) बनाया जाएगा, जबकि पुराने व्यस्त मार्गों का चौड़ीकरण किया जाएगा। शासन की इस मुस्तैदी से जहां पर्यटन को नई संजीवनी मिलेगी, वहीं दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध भी मजबूत होंगे। विभागीय स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना (DPR) तैयार करने की कवायद तेज कर दी गई है।