General
मंदसौर के नए सेनापति होंगे दिव्यांक सिंह: IPS से IAS बने युवा अधिकारी संभालेंगे कलेक्टोरेट की कमान
04 September 2026
•
By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर जिला कलेक्टोरेट में जल्द ही बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिलेगा। राज्य शासन द्वारा जारी ताजा तबादला सूची के तहत, तेजतर्रार और युवा प्रशासनिक अधिकारी दिव्यांक सिंह को मंदसौर जिले के नए कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सिंह जल्द ही जिले में पहुंचकर अपना पदभार ग्रहण करेंगे। उनकी इस नियुक्ति से स्थानीय प्रशासनिक अमले और राजनीतिक हलकों में सरगर्मी तेज हो गई है।
नवनियुक्त कलेक्टर दिव्यांक सिंह का प्रशासनिक सफर बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायक रहा है। वे पहले भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चुने गए थे, लेकिन देश सेवा के जज्बे और जमीन से जुड़कर काम करने की ललक ने उन्हें दोबारा परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया, जिसके बाद वे आईएएस बने। वर्ष 2017 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के इस अधिकारी ने इससे पहले कई महत्वपूर्ण पदों पर रहकर अपनी प्रशासनिक क्षमता और त्वरित निर्णय लेने की शैली का लोहा मनवाया है।
मंदसौर आगमन पर नए कलेक्टर के सामने अफीम और लहसुन किसानों की समस्याएं, कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखना और अटके हुए विकास कार्यों को रफ्तार देना मुख्य चुनौतियां होंगी। स्थानीय नागरिक और व्यापारी वर्ग उम्मीद जता रहे हैं कि एक पूर्व आईपीएस और संवेदनशील आईएएस अधिकारी के आने से जिले की प्रशासनिक व्यवस्था में कसावट आएगी और फाइलों में दबे जनहित के मुद्दों का त्वरित निराकरण होगा।
नवनियुक्त कलेक्टर दिव्यांक सिंह का प्रशासनिक सफर बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायक रहा है। वे पहले भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चुने गए थे, लेकिन देश सेवा के जज्बे और जमीन से जुड़कर काम करने की ललक ने उन्हें दोबारा परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया, जिसके बाद वे आईएएस बने। वर्ष 2017 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के इस अधिकारी ने इससे पहले कई महत्वपूर्ण पदों पर रहकर अपनी प्रशासनिक क्षमता और त्वरित निर्णय लेने की शैली का लोहा मनवाया है।
मंदसौर आगमन पर नए कलेक्टर के सामने अफीम और लहसुन किसानों की समस्याएं, कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखना और अटके हुए विकास कार्यों को रफ्तार देना मुख्य चुनौतियां होंगी। स्थानीय नागरिक और व्यापारी वर्ग उम्मीद जता रहे हैं कि एक पूर्व आईपीएस और संवेदनशील आईएएस अधिकारी के आने से जिले की प्रशासनिक व्यवस्था में कसावट आएगी और फाइलों में दबे जनहित के मुद्दों का त्वरित निराकरण होगा।