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मंदसौर प्रशासनिक अमले में भारी फेरबदल: कलेक्टर ने जारी किए थोकबंद तबादला आदेश, 13 तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के बदले प्रभार
27 July 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर जिला कलेक्टर कार्यालय से जारी एक नए आदेश ने जिले के प्रशासनिक गलियारे में हलचल मचा दी है। कलेक्टर अदिति गर्ग ने कड़ा रुख अपनाते हुए राजस्व विभाग के कामकाज को सुदृढ़ बनाने के लिए 13 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को इधर से उधर किया है। इस थोकबंद फेरबदल के तहत कई अधिकारियों को मैदानी कमान सौंपी गई है, तो वहीं कुछ को कलेक्टोरेट सभाकक्ष और अन्य लूप लाइनों में संबद्ध किया गया है। चुनाव और राजस्व वसूली के आगामी लक्ष्यों को देखते हुए इस फेरबदल को बेहद अहम माना जा रहा है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे और सुस्त कार्यप्रणाली वाले अधिकारियों को इस सूची में निशाना बनाया गया है। राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे और जनसुनवाई में आ रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने यह कदम उठाया है। नए आदेश के तहत ग्रामीण अंचलों में तैनात कई नायब तहसीलदारों को मुख्य विकास खंडों की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि किसानों के नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे जरूरी काम समय सीमा में पूरे हो सकें।
कलेक्टर ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपनी नई जिम्मेदारी संभालने और पुराने प्रभार को सौंपने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन की ओर से साफ चेतावनी दी गई है कि कार्यभार ग्रहण करने में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कड़े प्रशासनिक कदम के बाद अब मैदानी स्तर पर लंबित पड़े शासकीय कार्यों और जनहित की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे और सुस्त कार्यप्रणाली वाले अधिकारियों को इस सूची में निशाना बनाया गया है। राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे और जनसुनवाई में आ रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने यह कदम उठाया है। नए आदेश के तहत ग्रामीण अंचलों में तैनात कई नायब तहसीलदारों को मुख्य विकास खंडों की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि किसानों के नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे जरूरी काम समय सीमा में पूरे हो सकें।
कलेक्टर ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपनी नई जिम्मेदारी संभालने और पुराने प्रभार को सौंपने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन की ओर से साफ चेतावनी दी गई है कि कार्यभार ग्रहण करने में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कड़े प्रशासनिक कदम के बाद अब मैदानी स्तर पर लंबित पड़े शासकीय कार्यों और जनहित की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।